गूगल पिक्सल 11 स्मार्टफोन सीरीज 13 अगस्त को लॉन्च होगी:फोल्ड में 8-इंच फ्लेक्स डिस्प्ले और 50MP तक के कैमरे जैसे फीचर, पिक्सल वॉच 5 भी आएगी
गूगल की नई स्मार्टफोन सीरीज 'पिक्सल 11' भारत में 13 अगस्त को लॉन्च होगी। अमेरिकी सर्च इंजन कंपनी इस सीरीज के जरिए एपल और सैमसंग को टक्कर देने और हार्डवेयर बिजनेस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने की तैयारी में है। लॉन्चिंग इवेंट 'मेड बाय गूगल' की लाइव स्ट्रीमिंग भारतीय समय अनुसार 13 अगस्त की सुबह 3:30 बजे से शुरू होगी। इसमें पिक्सल 11, पिक्सल 11 प्रो, पिक्सल 11 प्रो XL और पिक्सल 11 प्रो फोल्ड शामिल होंगे। भारत में यह फोल्डेबल फोन कंपनी का थर्ड जनरेशन का मॉडल होगा। इसके अलावा कंपनी अपनी नई गूगल पिक्सल वॉच 5 भी उतारेगी। नया 2Nm सिलिकॉन टेन्सर G6 प्रोसेसर और 16GB रैम गूगल नई स्मार्टफोन सीरीज में कंपनी का खुद का कस्टम 2nm सिलिकॉन टेन्सर G6 प्रोसेसर मिलेगा। भारत में ये फोन्स 16GB तक की रैम और 512GB तक के स्टोरेज ऑप्शन के साथ आ सकते हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए इन फोन्स में टाइटन सिक्योरिटी को-प्रोसेसर भी दिया जाएगा। एंड्रॉएड 17 के साथ 7 साल का सॉफ्टवेयर सपोर्ट गूगल की यह नई सीरीज एंड्रॉएड 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगी। कंपनी इसके साथ 7 साल के OS अपडेट्स और 7 साल के ही सिक्योरिटी अपडेट्स देगी। लॉन्च इवेंट में इस बार जेमिनी AI का दबदबा देखने को मिलेगा, जिसे नए अपग्रेड्स के साथ पेश किया जाएगा, ताकि यूजर्स के काम, क्रिएशन और एडिटिंग को आसान बनाया जा सके। डिजाइन: कैमरा वाइजर पर मिलेगी 'पिक्सल ग्लो' LED गूगल पिक्सल 11 सीरीज के डिजाइन में कोई बड़ा फेरबदल नहीं मिलेगा। इसका लुक काफी हद तक पुरानी पिक्सल 10 सीरीज जैसा ही रहेगा, जिसमें एक बड़ा कैमरा वाइजर और ग्लॉसी बैक डिजाइन मिलेगा, जबकि फोल्डेबल फोन में मैट फिनिश दी जाएगी। एक नया फीचर 'पिक्सल ग्लो' मिलने की संभावना है, जो कैमरा वाइजर के चारों तरफ एक तरह की LED लाइट होगी और असिस्टेंट से होने वाली बातचीत को इंडिकेट करेगी। गूगल पिक्सल 11 सीरीज के संभावित स्पेसिफिकेशन्स 1. गूगल पिक्सल 11 2. गूगल पिक्सल 11 प्रो 3. गूगल पिक्सल 11 प्रो XL 4. गूगल पिक्सल 11 प्रो फोल्ड
Car Loan tips: कार लोन लेते वक्त न करें ये 5 गलतियां, वरना जेब पर पड़ जाएगा ज्यादा बोझ
नई कार खरीदना हर किसी के लिए खुशी का मौका होता है, लेकिन जब बात कार कर्ज और मासिक किस्त की आती है, तो कई लोग सिर्फ कम किस्त देखकर फैसला कर लेते। कम मासिक किस्त हमेशा सस्ता कर्ज नहीं होती। कई बार कर्ज की लंबी अवधि के कारण कुल ब्याज काफी ज्यादा चुकाना पड़ता है। इसलिए कार खरीदने से पहले कर्ज की पूरी लागत समझना जरूरी है।
15 हजार रुपये की मासिक किस्त सुनने में आसान लग सकती है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि यह किस्त कितने साल तक देनी होगी। तीन साल के बजाय पांच साल का कार कर्ज लेने पर मासिक किस्त कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है। इसलिए डीलर की बताई अवधि स्वीकार करने से पहले यह जरूर देखें कि पूरी अवधि में बैंक को कुल कितनी रकम वापस करनी होगी।
कार का कर्ज आपकी आमदनी के हिसाब से होना चाहिए और सिर्फ कम किस्त देखकर लंबी अवधि का कर्ज नहीं लेना चाहिए।
पहला कर्ज प्रस्ताव तुरंत स्वीकार करना
डीलर के पास कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समझौते हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि पहला प्रस्ताव आपके लिए सबसे अच्छा है। अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दर, कर्ज प्रक्रिया शुल्क, दस्तावेज शुल्क और दूसरी लागतों की तुलना करनी चाहिए।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत कर्ज की कुल लागत और लागू शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से देने की व्यवस्था है। इसलिए कर्ज लेने से पहले उपलब्ध जानकारी को ध्यान से पढ़कर बेहतर विकल्प चुनना चाहिए।
कार के लिए बहुत कम अग्रिम भुगतान करना
कम अग्रिम भुगतान करने से शुरुआत में ज्यादा पैसा आपके पास बच जाता है, लेकिन इससे कर्ज की रकम बढ़ जाती है। ज्यादा कर्ज का मतलब ज्यादा ब्याज और कई मामलों में बड़ी मासिक किस्त भी हो सकती है। हालांकि, अग्रिम भुगतान बढ़ाने के लिए अपनी पूरी बचत खत्म करना भी सही नहीं है।
आपातकालीन जरूरतों के लिए पैसा बचाकर रखना जरूरी है। इसलिए ऐसा अग्रिम भुगतान करें जिससे कर्ज भी सीमित रहे और जरूरी बचत भी बनी रहे।
कर्ज से जुड़े शुल्कों को नजरअंदाज करना
कई खरीदार सिर्फ ब्याज दर पर ध्यान देते हैं और बाकी शुल्कों को नहीं देखते। कर्ज प्रक्रिया शुल्क, दस्तावेज शुल्क, बीमा से जुड़े खर्च और समय से पहले कर्ज चुकाने या पूरा कर्ज बंद करने के शुल्क से कुल लागत बढ़ सकती है।
कर्ज लेने से पहले बैंक या वित्तीय संस्था से सभी शुल्कों की पूरी जानकारी मांगें। समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले यह भी जांच लें कि बाद में कोई अतिरिक्त शुल्क तो नहीं लगेगा।
समय से पहले कर्ज चुकाने की शर्तें नहीं देखना
कार खरीदने के कुछ साल बाद आपकी आर्थिक स्थिति बदल सकती है। वेतन बढ़ सकता है, बोनस मिल सकता है या आप जल्दी कर्ज खत्म करना चाह सकते हैं। इसलिए पहले ही देख लें कि कर्ज में कुछ रकम पहले चुकाने या पूरा कर्ज समय से पहले खत्म करने की सुविधा है या नहीं।
साथ ही यह भी पता करें कि इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा या नहीं। अलग-अलग कर्ज योजनाओं में ये नियम अलग हो सकते हैं।
कार का बजट सिर्फ किस्त से तय न करें
नई कार की वास्तविक लागत में अग्रिम भुगतान और कर्ज के ब्याज के अलावा बीमा, ईंधन, रखरखाव और दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं। इसलिए कार खरीदने से पहले अपनी पूरी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखें।
कर्ज लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की तुलना करें, कुल चुकाई जाने वाली रकम निकालें और कर्ज के सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। भारतीय रिजर्व बैंक की व्यवस्था ग्राहकों को कर्ज की लागत से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करती है, लेकिन सही तुलना और अंतिम फैसला ग्राहक को खुद करना होता है।
(प्रियंका कुमारी)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Haribhoomi










