बिहार में बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत:राजस्थान-पंजाब में ओले गिरे, दिल्ली में आंधी-तूफान का रेड अलर्ट, 27 राज्यों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में गुरुवार रात कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के बाद आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 70-90kmph की रफ्तार से हवाएं और कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है। वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में हॉस्पिटल के बाहर कार पर पेड़ गिर गया। बिहार के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा में बिजली गिरने से पति-पत्नी समेत 9 लोगों की मौत हो गई। यूपी में प्री-मानसून में 52 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बरसात हुई। मानसून ने गुरुवार को बिहार में एंट्री कर ली है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी यह आगे बढ़ गया है। 4 जून को केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों इसके में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून 27 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट आज 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… गर्मी से राहत नहीं, 11 राज्यों में पारा 40°C पार बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2°C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 44.6°C, यूपी के झांसी में 43.4°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5°C और एमपी के खजुराहो में 43°C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 13 जून: 14 जून:
दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल:रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। 3 जून को हुए इस भयानक हादसे में अग्रवाल परिवार के 8 सदस्यों सहित नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने केशव पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई हैं पुलिस का आरोप है कि आग लगने पर रसोइया केशव दरवाजा और बिजली का स्विच बंद कर भाग गया था। पुलिस ने उस पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाकर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसका अब चौतरफा विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खामियों की मुख्य जिम्मेदारी प्रबंधन और मालिकों की होती है, न कि वहां काम करने वाले किसी मामूली कर्मचारी की। लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 2 महीने तक चलता रहा होटल एमसीडी के सिटी जोन की पूर्व चेयरमैन रेणुका गुप्ता ने होटल हादसे के लिए जिम्मेदार अफसरों पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 105) के तहत कार्रवाई न करने और गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने अवैध रूप से बने 20 कमरों के लिए बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया और मार्च में लाइसेंस खत्म होने के बाद भी होटल चलने देने के लिए दिल्ली टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (डीटीडीसी) की भूमिका पर सवाल उठाए। फॉर्म सी नियम की अनदेखी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार इंद्रजीत सिंह निरमान ने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले हर होटल या गेस्टहाउस के लिए 24 घंटे के भीतर ‘फॉर्म सी’ जमा करना कानूनन जरूरी है। स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी विदेशी मेहमानों का रिकॉर्ड रखने और उन पर नजर रखने की है, ताकि कोई संदिग्ध न रह सके। एसडीएम ने माना कि बिजली बंद होने से टला बड़ा हादसा सिविल सोसायटी का कहना है कि केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत 5 धाराएं लगाई गई हैं। यह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 10 साल तक की जेल हो सकती है। धारा 105 तब लागू होती है जब किसी को पता हो कि उसके काम से मौत हो सकती है। पुलिस का दावा है कि आग लगने पर बिजली बंद करने से अंधेरा हुआ, जिससे लोगों की जान गई। लेकिन, केशव नेगी ने फायर फाइटिंग के नियमों का पालन करते हुए सतर्कता दिखाई। ममगांई ने कहा कि वे सिविल डिफेंस के वालंटियर रहे हैं और फायर फाइटिंग, बचाव व आपातकालीन उपायों का प्रशिक्षण लिया है, जिसमें कहा जाता है कि आग से सुरक्षा के लिए विद्युत कनेक्शन बंद करना पहला कदम है। खुद स्थानीय एसडीएम जितेंद्र कुमार ने माना है कि समय पर बिजली बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। सिविल डिफेंस के जानकारों का भी यही मानना है। -------------- दिल्ली होटल अग्निकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... केशव नेगी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड भाजपा-कांग्रेस एक:हरीश रावत बोले- शेफ को बली का बकरा बनाया दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के मामले में भाजपा और कांग्रेस एक नजर आ रही है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक सुर में नेगी को न्याय दिलाने की बात कह रही हैं। पूरी खबर पढ़ें... दिल्ली होटल आग- लाइसेंस मालिक नहीं, कर्मचारी के नाम:अकाउंटेंट बोला- सारे दस्तावेज जले; घटना वाले दिन मेट्रो से शहर में घूम रहा था दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
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