गुजरात: चांदीपुरा वायरस से अब तक 27 लोगों की मौत, 41 मामलों की पुष्टि
गांधीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात में 30 जून से शुरू हुई मौजूदा निगरानी अवधि के दौरान चांदीपुरा वायरस के 41 लैब में पुष्टि किए गए मामले सामने आए हैं, जबकि इस संक्रमण से 27 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों में दी गई।
Houthi Attack: बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में कार्गो जहाज पर हूती विद्रोहियों का हमला, तीन क्रू मेंबर की मौत
Houthi attack: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में एक डेक कार्गो शिप पर हमला किया, जिसमें कम से कम तीन क्रू सदस्यों की मौत हो गई। यह जानकारी यमन तटरक्षक बल के दो सूत्रों और सरकार के दो सैन्य अधिकारियों ने दी है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी सूत्रों ने बताया कि इस हमले में दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक की जान गई है। यह जहाज ओमान के सलालाह से जिबूती होते हुए यात्रा कर रहा था। हालांकि हूती विद्रोहियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
फरवरी के बाद पहला हूती हमला माना जा रहा
अगर इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो तंजानिया के झंडे वाले जहाज तिहामाह पर हुआ यह हमला फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से शुरू हुए मध्य-पूर्व संघर्ष के बाद से हूती विद्रोहियों का पहला हमला होगा।
यह घटना उस घटनाक्रम के करीब एक महीने बाद सामने आई है, जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ एक नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान किया था। हूती विद्रोहियों ने इसे उस कथित "सऊदी घेराबंदी" का जवाब बताया था, जिसका उन्होंने आरोप लगाया था। हालांकि रॉयटर्स के मुताबिक, रियाद ने यमन को घेरने की बात से साफ इनकार किया है।
आखिर क्यों अहम है बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य?
बाब अल-मंडब, जिसे इसकी खतरनाक नौवहन परिस्थितियों के चलते "आंसुओं का द्वार" भी कहा जाता है, हाल के समय में एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है, खासकर तब जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही बंद है।
ईरान समर्थित यमनी लड़ाकू समूह हूती ने कई बार बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजी यातायात को बाधित करने की धमकी दी है। इसी जलमार्ग से वैश्विक व्यापार का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते औसतन प्रतिदिन 32 जहाज बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य से गुजरे। रॉयटर्स के अनुसार, नाकाबंदी से पहले यहां से रोजाना औसतन 50 जहाज गुजरा करते थे।
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