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RCB ने दिल्ली कैपिटल्स को बुरी तरह रौंदा, हेजलवुड- भुवनेश्वर के बाद पडिक्कल ने मचाई तबाही, विराट ने बनाया महारिकॉर्ड

DC vs RCB : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को आईपीएल 2026 के 39वें मैच में 9 विकेट से रौंद दिया है. विराट कोहली ने इस मैच में महा रिकॉर्ड बनाया है. इस मैच में दिल्ली ने टॉस हारने के बाद पहले बैटिंग करते हुए 16.3 ओवर में 10 विकेट खोकर 75 रन बनाए. आरसीबी ने 76 रनों के लक्ष्य को 6.3 ओवर में 81 बॉल बाकी रहते हुए 77 रन बनाकर 9 विकेट से मैच जीत लिया. 

आरसीबी के लिए पडिकक्ल ने खेली तूफानी पारी

आरसीबी को एकमात्र झटका जैकब बेथेल के रूप में लगा. जो 11 बॉल में 1 चौके और 2 छक्के के साथ 20 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद देवदत्त पडिकक्ल ने 13 बॉल पर 3 चौके और 3 छक्कों के साथ तूफानी पारी खेली. वहीं विराट कोहली ने 15 बॉल में 2 चौके और 1 छक्के के साथ 23 रन बनाए और 9000 आईपीएल रन भी पूरे किए. दिल्ली के लिए एकमात्र विकेट काइल जैमीसन को मिला.

दिल्ली की अभिषेक पोरेल ने बचाई लाज

दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज्यादा रन अभिषेक पोरेल ने बनाए. उन्होंने 30 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 3 चौके निकले.  उनके अलावा डेविड मिलर ने 19 और काइल जैमीसन ने 12 रन बनाए. इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स के 3 बल्लेबाज शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौटे, जबकि 2 बल्लेबाज सिर्फ 1-1 रन बनाए पाए. डीसी एक समय टीम सिर्फ 8 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी.

आरसीबी के लिए किसने चटकाए कितने विकेट

आरसीबी के लिए जोस हेजलवुड ने 4 विकेट और भुनेश्वनर कुमार ने 3 विकेट हासिल किए. इन दोनों के अलावा रसिख सलाम, क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 1-1 विकेट हासिल किया.

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Uncovered with Manoj Gairola: 70 साल पुराने F-5 जेट के अमेरिकी बेस पर हमले ने क्या तोड़ दिया ट्रंप का घमंड?

Uncovered with Manoj Gairola: अगर हम आपको कहें कि ईरान ने 70 साल पुराने एक फाइटर जेट से मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे पर हमला किया और अमेरिका का वर्ल्ड फेमस एयर डिफेंस सिस्टम कुछ नहीं कर पाया तो क्या आप हमारी बात मानेंगे? शायद नहीं. ये हम समझ सकते हैं कि आपके लिए भी इस बात पर यकीन करना मुश्किल है, क्योंकि अगर इसकी जानकारी हमें नहीं मिली होती तो हमारे मन में भी वही सवाल उठते जो अभी आपके मन में होंगे.

पहला सवाल- जिस 70 साल पुराने F-5 जेट का यहां जिक्र हो रहा है उसे पुराना होने के कारण संसार के सभी देशों ने Active Service से हटा दिया है और कुछ देश इसे सिर्फ ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसा जेट कैसे अमेरिका को इतना नुकसान पहुंचा सकता है?

दूसरा सवाल- अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम की Reputation इतनी Solid है कि कोई इसे भेदने के बारे में सोच भी नहीं सकताऔर खासतौर से इतने पुराने फाइटर जेट से तो बिलकुल भी नहीं ये सवाल भी वाजिब है.

तीसरा सवाल-  दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अब तक, किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर फाइटर जेट से हमला नहीं हुआ हैऐसा ईरान युद्ध में कैसे संभव हो गया?

अनकवर्ड के हमारे आज के एपिसोड में हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे.

अमेरिका के बड़े मीडिया हाउस एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट ने पूरे संसार के मिलिट्री एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे ईरान का एक फाइटर जेट अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर कुवैत के 'कैंप बुहेरिंग' एयरबेस पर कयामत की तरह टूट पड़ा.   

कैंप बुहेरिंग एयरबेस पर सिक्योरिटी टाइट

आपको बता दें, कि 'कैंप बुहेरिंग एयरबेस' मिडिल ईस्ट में सबसे Strategic लोकेशन पर मौजूद है. ऐसे में इसकी सिक्योरिटी के इंतजाम भी तगड़े रहे होंगेइसमें अमेरिका की खतरनाक पैट्रिएट मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैंयहां एक मल्टीलेयर एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव थाअब हम आपको बताते हैं कि कैसे ईरान के F-5 जेट ने इस सिस्टम को भेद दिया.

कैसा है अमेरिका का डिफेंस सिस्टम?

दरअसल, अमेरिका का पूरा डिफेंस सिस्टम ऊंचाई से आने वाले हमले को रोकने के लिए बनाया गया थालेकिन ईरान ने इसके ठीक उलट, स्ट्रैटेजी बनाईईरान का फाइटर जेट, इतनी कम ऊंचाई पर उड़ा कि अमेरिकी रडार उसे पकड़ ही नहीं सकेइसने पैट्रिएट मिसाइलों के साथ-साथ, शॉर्ट रेंज मिसाइल्स, एडवांस रडार सिस्टम्स और रीजनल सर्विलेंस नेटवर्क को मात दे दी. ईरान के इस हमले का साइकोलॉजिकल असर ये हुआ.. कि कुवैत की आर्मी ने Confusion में, तीन अमेरिकी जेट्स को मार गिराया.

अमेरिका का हुआ सबसे बड़ा नुकसान

कुवैत पर हमला करने वाले, ईरान के इस जेट का क्या हुआ ये तो पता नहीं चल सका, लेकिन युद्ध के शुरुआती दिनों में हीइस हमले ने डोनाल्ड ट्रंप के दावों की हवा निकाल दी. ट्रंप ने कहा था कि ईरान की एयरफोर्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, लेकिन एफ-5 जेट के इस हमले ने एक अलग ही तस्वीर सामने रख दी. इस हमले ने अमेरिका का सबसे बड़ा नुकसान ये किया कि पूरी दुनिया में अमेरिका की साख गिर गई और  ये संदेश गया कि अमेरिका की मॉर्डन और खतरनाक आर्मी कोएक अच्छी रणनीति के साथ, पुराने जहाज से भी चोट पहुंचाई जा सकती है.

13 अमेरिकी सैनिकों को भी मार गिराया

वैसे इस युद्ध में ईरान ने अमेरिकी फौज को इतना नुकसान पहुंचाया है कि ट्रंप इसे लगातार छुपाने की कोशिश में लगे हैं. युद्ध के शुरुआती दिनों में ही ईरान ने अपने ड्रोन्स और मिसाइलों के जरिए अमेरिकी फौजी अड्डों को बहुत डैमेज किया. ईरानी हमलों में मिडिल ईस्ट में मौजूद, अमेरिकी अड्डों पर खड़े दर्जनों एयरक्राफ्ट्स वेयरहाउसेज, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स रनवेज, एडवांस रडार सिस्टम्स और सैटेलाइट कम्यूनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर्स को भारी नुकसान पहुंचाया. 

इसके साथ ही अमेरिका के 13 सैनिक भी मार दिए और 400 से ज्यादा को घायल कर दिया. इनमें से 10 परसेंट तो गंभीर रूप से घायल हैं. ये तो वो नुकसान है जो ईरान ने अमेरिका के फौजी अड्डों पर किया है. इसके अलावा उसके एफ-35 जैसे सबसे मॉर्डन जेट को निशाना बनाकर साबित कर दिया कि ईरान का एयरस्पेस अमेरिका के लिए अब भी खतरनाक है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कब्जा बरकरार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कब्जा बरकरार है. हर तरह की धमकियों के बावजूद, ट्रंप इसे अभी तक खुलवा नहीं सके. ईरान के पास उसके ड्रोन्स और मिसाइलों का जखीरा अब भी बरकरार है और इतनी बड़ी संख्या में है कि वो 6 महीने तक युद्ध जारी रख सकता है. दूसरी तरफ अमेरिका की अटैक मिसाइल्स और इंटरसेप्टर  मिसाइल्स का स्टॉक लगभग आधा खत्म हो चुका है. 

इसलिए ईरान से ट्रंप संधि वार्ता के लिए है बेचैन

यही वजह है कि ट्रंप ईरान के साथ संधि वार्ता के लिए इतने ज्यादा बेचैन हैं. उनका Desperation लेवल इतना ज्यादा है कि शनिवार को उनके दो दूतस्टीव विटकॉफ और जार्ड कुश्नर इंतजार करते रहे कि कब पाकिस्तान से फोन आए और वो ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात करने के लिए इस्लामाबाद जाएं, लेकिन अराघची ने उन्हें Ignore किया और ऐसा एक हफ्ते में दूसरी बार हुआ है. यानी ईरान अब इंटरनेशनल मंच पर ट्रंप को सरेआम बेइज्जत कर रहा है.

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मैं तो अभी जवान हूं... वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ये क्या बोल गए यशस्वी जायसवाल, वंडर बॉय का हर तरफ जलवा है

Yashasvi Jaiswal on Vaibhav Sooryavanshi: वंडर बॉय के नाम से मशहूर हो चूके वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए धूम मचा रहे हैं. वैभव ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 16 गेंद में 43 रन कूट दिए. वैभव की इस तूफानी शुरुआत के कारण ही राजस्थान की टीम ने पंजाूब के विजयी अभियान को रोका. इसके साथ ही यशस्वी जायसवाल ने उनकी उम्र को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है. Wed, 29 Apr 2026 14:19:50 +0530

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