Shani Dev Hanuman Ji Story: हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर ही शनि देव फल प्रदान करते हैं। इसी वजह से शनिवार का दिन शनि देव की आराधना के लिए विशेष माना गया है।
हालांकि, शनि देव को केवल दंड देने वाले देवता के तौर पर नहीं देखा जाता। धार्मिक परंपरा में उन्हें कर्मों के अनुसार उचित फल देने वाला देवता माना गया है। यही कारण है कि शनिवार को उनकी पूजा के साथ कई भक्त हनुमान जी की भी आराधना करते हैं।
शनिवार को हनुमान जी की पूजा क्यों मानी जाती है खास? धार्मिक मान्यता के अनुसार, एक समय शनि देव रावण की कैद में थे। हनुमान जी ने लंका में जाकर उन्हें मुक्त कराया था। इस प्रसंग से जुड़ी मान्यता के अनुसार, शनि देव ने हनुमान जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनके भक्तों को अपनी पीड़ा से बचाने का वरदान दिया।
इसी वजह से शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने की परंपरा कई जगहों पर प्रचलित है। भक्त मानते हैं कि बजरंगबली की आराधना से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि, यह धार्मिक मान्यता है और अलग-अलग परंपराओं में इस कथा के विवरण में अंतर भी मिलता है।
शनि देव को क्यों कहा जाता है कर्मफल दाता? धार्मिक मान्यताओं में शनि देव को न्याय, अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और कर्मफल का कारक माना गया है। कहा जाता है कि व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे उसी के अनुरूप परिणाम प्राप्त होता है।
शनि देव को सूर्यदेव का पुत्र और नवग्रहों में विशेष स्थान प्राप्त देवता माना जाता है। धार्मिक परंपरा में उनका संबंध मकर और कुंभ राशियों से बताया गया है। उनका वर्ण श्याम और वाहन कौआ माना जाता है।
शनि देव की पूजा के लिए शनिवार क्यों विशेष? शनिवार को शनि देव की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ करते हैं और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
कई धार्मिक परंपराओं में शनिवार को हनुमान जी की पूजा भी की जाती है। इसका संबंध शनि देव और बजरंगबली से जुड़ी उपरोक्त धार्मिक कथा से माना जाता है।
नीलम से भी जुड़ा है शनि देव का संबंध ज्योतिषीय मान्यताओं में नीलम रत्न (Blue Sapphire) का संबंध शनि ग्रह से बताया जाता है। इसे साहस, धैर्य, आत्मविश्वास और बदलाव से जोड़ा जाता है।
हालांकि, नीलम जैसे रत्न को धारण करने का निर्णय ज्योतिषीय परंपरा में व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रह स्थिति के आधार पर लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए बिना व्यक्तिगत ज्योतिषीय सलाह के इसे धारण करने से बचना चाहिए।
शनि शिंगणापुर में स्वयंभू शनि देव की मान्यता महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर शनि देव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां शनि देव की पूजा स्वयंभू शिला के रूप में किए जाने की मान्यता है।
इस स्थान से जुड़ी सबसे चर्चित परंपराओं में घरों में लंबे समय तक दरवाजे और ताले न लगाने की बात शामिल रही है। स्थानीय आस्था के अनुसार, शनि देव पूरे गांव की रक्षा करते हैं और गलत काम करने वाला व्यक्ति उनके न्याय से बच नहीं सकता।
शनि देव की पूजा में कर्म का महत्व शनि देव से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं का सबसे प्रमुख संदेश कर्म और न्याय से जुड़ा है। भक्तों की आस्था है कि व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और गलत कार्यों से बचना चाहिए।
शनिवार को शनि देव के साथ हनुमान जी की आराधना इसी धार्मिक आस्था का हिस्सा है। मान्यता है कि बजरंगबली की भक्ति से शनि देव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने टेस्ट क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करने वाले पांचवें पाकिस्तानी कप्तान बनकर एक खास उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यह मुकाम 11 सितंबर को एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के दौरान हासिल किया। साथ ही, मिस्बाह-उल-हक के बाद वे पाकिस्तान के दूसरे ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कप्तान के तौर पर सभी फॉर्मेट में कुल मिलाकर 7,000 या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं।
एजबेस्टन में दूसरी पारी के दौरान, बाबर ने 103 गेंदों पर 76 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 73.79 के स्ट्राइक रेट से 11 चौके और एक छक्का लगाया। इस पारी के साथ ही, मैच में उनके कम स्कोर बनाने का सिलसिला भी खत्म हो गया। टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के तौर पर बाबर ने 24 टेस्ट और 43 पारियों में 2,017 रन बनाए हैं, और उनका औसत 50.42 रहा है। उनके रिकॉर्ड में चार शतक, 14 अर्धशतक और 196 का सर्वोच्च स्कोर शामिल है। पाकिस्तान के जिन अन्य कप्तानों ने टेस्ट में 2,000 से ज़्यादा रन बनाए हैं, उनमें मिसबाह-उल-हक (4,214 रन), इमरान खान (2,408 रन), इंजमाम-उल-हक (2,397 रन) और जावेद मियांदाद (2,354 रन) शामिल हैं।
इसके अलावा, बाबर मिसबाह के साथ उन चुनिंदा पाकिस्तानी कप्तानों में शामिल हो गए हैं जिनके नाम सभी फ़ॉर्मेट में 7,000 से ज़्यादा रन हैं। कप्तान के तौर पर 152 इंटरनेशनल मैचों में बाबर ने 47.17 के औसत से 7,029 रन बनाए हैं। इसमें 163 पारियों में 15 शतक और 54 अर्धशतक शामिल हैं, और उनका सर्वोच्च स्कोर 196 रहा है। इस मैच में इंग्लैंड ने पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया और पाकिस्तान को पहली पारी में 133 रन पर ऑल-आउट कर दिया।
सऊद शकील 43 रनों के साथ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे, उनके बाद मोहम्मद अब्बास ने 21 रन बनाए। इंग्लैंड के गेंदबाज़ों जोश टोंग (4/42), ओली रॉबिन्सन (3/15) और जोफ़्रा आर्चर (3/25) ने हालात का बखूबी फ़ायदा उठाया। इसके जवाब में इंग्लैंड ने 453 रन बनाए और 320 रनों की बढ़त हासिल की। इसमें एमिलियो गे (60), हैरी ब्रूक (75), डैन लॉरेंस (65) और जेमी स्मिथ (69) के अर्धशतकों का अहम योगदान रहा। पाकिस्तान के लिए डेब्यू करने वाले रज़ाउल्लाह ने 148 रन देकर चार विकेट लिए।