आज की तिथि क्या है?: आज सोमवार, 27 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि शाम 04:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। धार्मिक दृष्टि से सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। यहां ज्योतिषाचार्य डॉ. मनीष गौतम जी महाराज से जानिए आज का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और सूर्य-चंद्रमा की स्थिति।
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
वार: सोमवार
तिथि: आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी, शाम 04:15 बजे तक; इसके बाद चतुर्दशी
नक्षत्र: मूल, सुबह 10:29 बजे तक; इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: वैधृति योग, रात 10:55 बजे तक
करण: तैतिल, इसके बाद गर
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 से 01:11 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 से 05:30 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:55 से 03:48 बजे तक
अमृत काल: उपलब्ध नहीं
आज का राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 07:22 से 09:04 बजे तक (दिल्ली)
यमगण्ड: सुबह 10:46 से दोपहर 12:28 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 02:09 से 03:51 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:52 से 01:45 बजे तक
आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:38 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:14 बजे
चंद्रोदय: लगभग शाम 05:45 बजे
चंद्रास्त: लगभग सुबह 03:49 बजे (28 जुलाई)
आज कौन सा व्रत है?
आज से जया-पार्वती व्रत की शुरुआत हो रही है। यह पांच दिवसीय व्रत विशेष रूप से गुजरात में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसमें माता पार्वती और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति की कामना से यह व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर फल, फूल और प्रसाद अर्पित किया जाता है।
27 जुलाई 2026 का धार्मिक महत्व
आज सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पित करने के साथ रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इसके साथ ही जया-पार्वती व्रत शुरू होने के कारण माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा।
आज राहुकाल कब है?
आज सोमवार, 27 जुलाई 2026 को दिल्ली में राहुकाल सुबह 07:22 बजे से 09:04 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के दौरान नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
मीराबाई चानू ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं और भावुक भी. गेम्स तक पहुंचने और मेडल जीतने के लिए मैंने बहुत त्याग किए और तनाव व चोटों का सामना किया. मुझे नहीं पता था कि मैं कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाऊंगी. मेरा पूरा ध्यान बस अपने कोच द्वारा बताए गए लिफ़्ट को पूरा करने पर था. Mon, 27 Jul 2026 01:29:18 +0530