वर्षा का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने बेहद पूर्वानुमान जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी ट्रफ तेजी से अपनी सामान्य स्थिति में लौट रही है। इसरो के इनसेट-3डीआर सैटेलाइट से 19 जुलाई को ली गई तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा मानसूनी बादलों से घिरा हुआ है।
बादलों की यह विशाल चादर जम्मू-कश्मीर से लेकर गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक फैली हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सबसे घने बादल इस समय पंजाब से उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के ऊपर बने हुए हैं, जिससे इस पूरे हफ्ते झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
20 Jul, Good morning to all... Latest satellite obs at 8 15 am indicate mod to intense clouds over parts of GWB, J&K, NE region,CAP & around. pic.twitter.com/VvFq90fxjo
दिल्ली समेत मैदानी राज्यों में भारी वर्षा राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में सोमवार से बुधवार के बीच तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के चलते दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा, जिससे लोगों को उमस से बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी आगामी कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का नया दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन राज्यों के स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सतर्क रहने की विशेष हिदायत दी है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है, जिससे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) और विनाशकारी भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ सकता है।
इसके अलावा पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। पूर्वी भारत की बात करें तो बंगाल और सिक्किम में बहुत अधिक वर्षा का पूर्वानुमान है, जबकि बिहार, ओडिशा और झारखंड के कई जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण और पश्चिम भारत का हाल नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से पश्चिमी भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मूसलाधार वर्षा होने की उम्मीद है। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस दौरान मध्यम से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। मध्य भारत के तहत आने वाले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज होगी। दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी अगले कुछ दिनों में तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और बड़े पैमाने पर बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है।