Gardening Tips: आप चाहते हैं कि आपके घर की बालकनी, छत या गार्डन सालभर रंग-बिरंगे फूलों से महकता रहे, तो गुड़हल का पौधा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बड़े और आकर्षक फूलों वाला यह पौधा न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि इसकी देखभाल भी ज्यादा मुश्किल नहीं होती। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल मिलने पर गुड़हल तेजी से बढ़ता है और लंबे समय तक फूल देता है।
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई लोग गुड़हल का पौधा तो लगा लेते हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में पौधा ठीक से विकसित नहीं हो पाता। ऐसे में यदि शुरुआत से ही कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाए जाएं, तो पौधा तेजी से बढ़ सकता है और हर मौसम में हरे-भरे पत्तों के साथ सुंदर फूलों से लद सकता है।
गुड़हल प्लांट लगाने और देखभाल के टिप्स
सही गमला और उपजाऊ मिट्टी का करें चुनाव गुड़हल के पौधे के लिए कम से कम 12 से 16 इंच का गमला चुनें, जिसमें पानी निकासी के लिए पर्याप्त छेद हों। मिट्टी तैयार करते समय गार्डन सॉइल, गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मीकम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाएं। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जड़ों को स्वस्थ रखती है और पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है।
कटिंग या स्वस्थ पौधे से करें शुरुआत अगर जल्दी परिणाम चाहते हैं, तो नर्सरी से स्वस्थ पौधा खरीदें या पुराने गुड़हल की मजबूत कटिंग का उपयोग करें। कटिंग को मिट्टी में लगाने के बाद हल्की सिंचाई करें और शुरुआती कुछ दिनों तक सीधी तेज धूप से बचाकर रखें। जड़ें बनने के बाद पौधा तेजी से बढ़ने लगता है।
रोजाना 5-6 घंटे धूप जरूर मिले गुड़हल के पौधे को अच्छी ग्रोथ और भरपूर फूलों के लिए प्रतिदिन कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप चाहिए। ऐसी जगह गमला रखें, जहां सुबह की धूप अच्छी तरह मिले। पर्याप्त धूप मिलने से पौधा मजबूत बनता है और फूलों की संख्या भी बढ़ सकती है।
समय-समय पर खाद और सही सिंचाई करें मिट्टी पूरी तरह सूखने न दें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी न डालें। मौसम और मिट्टी की नमी के अनुसार सिंचाई करें। हर 20 से 30 दिन में जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद डालने से पौधे को आवश्यक पोषण मिलता है और फूल आने में मदद मिलती है।
सूखी टहनियों की करें छंटाई गुड़हल के पौधे की समय-समय पर प्रूनिंग (छंटाई) करना बेहद जरूरी है। सूखी, कमजोर या बीमार टहनियों को हटाने से नई शाखाएं निकलती हैं और पौधे की ऊर्जा नए फूलों के विकास में लगती है। साथ ही कीटों और फंगल संक्रमण पर भी नजर रखें और जरूरत पड़ने पर जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल करें।
गुड़हल के पौधे की देखभाल के लिए जरूरी बातें
अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का उपयोग करें।
नियमित रूप से पौधे की पत्तियों और टहनियों की जांच करें।
जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें।
महीने में एक बार जैविक खाद जरूर डालें।
समय-समय पर प्रूनिंग करें ताकि नई शाखाएं निकल सकें।
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