अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पुरुष एकदिवसीय और बीस ओवर विश्व कप के प्रारूप में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। परिषद की वार्षिक बैठक के बाद इन बदलावों की घोषणा की गई। परिषद का कहना है कि नए प्रारूप का उद्देश्य टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, हर मुकाबले का महत्व बढ़ाना और खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। हालांकि इन बदलावों को अंतिम रूप दिए जाने से पहले इस वर्ष नवंबर में वित्त और वाणिज्यिक मामलों की समिति की समीक्षा भी की जाएगी।
बता दें कि सबसे बड़ा बदलाव एकदिवसीय विश्व कप के प्रारूप में किया गया है। पिछले दो संस्करणों में जहां केवल 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, वहीं अब वर्ष 2027 के विश्व कप में कुल 14 टीमें खेलेंगी। इससे पहले वर्ष 2015 में भी 14 टीमों ने भाग लिया था। परिषद का मानना है कि अधिक टीमों के शामिल होने से क्रिकेट का दायरा बढ़ेगा और नई टीमों को बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार नए प्रारूप में अब कुल चार चरण होंगे। पहले चरण में 12वें, 13वें और 14वें स्थान की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। इनमें से शीर्ष पर रहने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी, जहां पहले से मौजूद 11 टीमों के साथ कुल 12 टीमें दो समूहों में खेलेंगी। प्रत्येक समूह से शीर्ष तीन टीमें और दोनों समूहों में सातवें स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम अगले चरण में प्रवेश करेगी।
गौरतलब है कि पहले जहां सुपर छह चरण होता था, उसकी जगह अब सुपर सात चरण होगा। इस दौर में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला खेलेंगी। इसका मतलब यह भी है कि यदि भारत और पाकिस्तान दूसरे चरण में एक ही समूह में रहे और दोनों सुपर सात में पहुंच गए, तो दोनों टीमों के बीच टूर्नामेंट में दूसरी बार भी मुकाबला देखने को मिल सकता है। सुपर सात चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जहां पहले स्थान वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से और दूसरे स्थान वाली टीम तीसरे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी। नए प्रारूप के तहत वर्ष 2027 के एकदिवसीय विश्व कप में कुल 57 मुकाबले खेले जाएंगे, जो पिछले संस्करण की तुलना में नौ अधिक होंगे।
बीस ओवर विश्व कप के प्रारूप में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब शुरुआती चरण में 20 टीमों को चार की बजाय पांच समूहों में बांटा जाएगा और प्रत्येक समूह में चार टीमें होंगी। हर समूह से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। पहले जहां सुपर आठ चरण खेला जाता था, अब उसकी जगह सुपर दस चरण होगा। इसमें दो समूह होंगे और प्रत्येक समूह में पांच-पांच टीमें शामिल रहेंगी।
नए प्रारूप के तहत प्रत्येक समूह की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। इसके अलावा दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच बाहर होने वाले मुकाबले की तर्ज पर विशेष मुकाबले खेले जाएंगे। इन मुकाबलों की विजेता टीमें भी सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फिर फाइनल मुकाबला आयोजित किया जाएगा।
परिषद ने वर्ष 2028 के बीस ओवर विश्व कप की क्वालीफाई प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। स्कॉटलैंड को यूरोप क्षेत्रीय फाइनल में सीधे प्रवेश मिलेगा। वहीं जो टीमें सीधे विश्व कप के लिए पात्र नहीं होंगी, उन्हें वैश्विक क्वालीफायर खेलना होगा। अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका तथा पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्र से भी टीमें क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं के जरिए वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी। वहां से आठ टीमें विश्व कप के लिए जगह बनाएंगी और पहले से सीधे क्वालीफाई कर चुकी 12 टीमों के साथ कुल 20 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का मानना है कि इन बदलावों से विश्व कप पहले की तुलना में अधिक रोमांचक और संतुलित बनेगा। साथ ही उभरती क्रिकेट टीमों को बड़े मंच पर खुद को साबित करने के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे विश्व क्रिकेट के विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद हैं।
Wed, 15 Jul 2026 22:42:39 +0530