इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 ने एक बार फिर चर्चा छेड़ दी। चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को बाहर रखकर टीम मैनेजमेंट ने तीन ऑलराउंडर को मौका दिया। इस फैसले के बाद हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल उठने लगे। आलोचकों का कहना है कि टीम अतिरिक्त बल्लेबाजी के चक्कर में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की अनदेखी कर रही।
पहले वनडे से एक दिन पहले भारत के पूर्व असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर ने भी टीम मैनेजमेंट से अपील की थी कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए कुलदीप यादव को लगातार मौके दिए जाएं। लेकिन बर्मिंघम में टॉस के समय जब भारतीय प्लेइंग-11 का ऐलान हुआ तो कुलदीप का नाम शामिल नहीं था।
इंग्लैंड के खिलाफ 3 ऑलराउंडर के साथ उतरा भारत शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को टीम में जगह दी। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार के कंधों पर रही। बल्लेबाजी को नंबर-8 तक मजबूत करने की कोशिश में कुलदीप को बाहर बैठना पड़ा।
क्यों ऑलराउंडर के चक्कर में कुलदीप कुर्बान हो रहे? दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल गेंदबाजी में ज्यादा छाप नहीं छोड़ पाए थे। भारत वह सीरीज के चार मैच हारा था और एक मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा था। आखिरी टी20 में वॉशिंगटन को बाहर भी कर दिया गया था। उस मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी उनकी गेंदबाजी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी थी।
कुलदीप को विदेश में कम मौके मिलते हैं कुलदीप टी20 टीम का हिस्सा नहीं थे। लेकिन उम्मीद थी कि वनडे में उन्हें मौका मिलेगा, वो भी तब जब अगले साल वनडे विश्व कप खेला जाना है। हालांकि हार्दिक पंड्या और हर्षित राणा की गैरमौजूदगी ने टीम संतुलन बदल दिया है। दोनों खिलाड़ी बल्लेबाजी में गहराई देते हैं, जिसके कारण टीम मैनेजमेंट ने अतिरिक्त ऑलराउंडर पर भरोसा जताया।
2023 वनडे विश्व कप के बाद के आंकड़े भी इस बहस को मजबूत करते। विदेशी सरजमीं पर खेले गए 10 वनडे में कुलदीप यादव सिर्फ 6 मैच खेल पाए। वहीं वॉशिंगटन सुंदर 8 और अक्षर पटेल सभी 10 मुकाबलों में टीम का हिस्सा रहे। अगर सभी फॉर्मेट की बात करें तो इसी दौरान कुलदीप ने सिर्फ 11 मैच खेले, जबकि वॉशिंगटन 26 और अक्षर 30 मुकाबले में टीम का हिस्सा रहे थे।
कुलदीप को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता अभिषेक नायर ने जियोस्टार से बातचीत में कहा कि बल्लेबाजी की गहराई जरूरी है। लेकिन इसके लिए विकेट लेने वाले गेंदबाज की कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक मैच जीतने के लिए विकेट लेना सबसे अहम होता। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा विकेट निकालने वाले गेंदबाज हैं, जबकि गुरनूर बरार इस स्तर पर नए। बाकी विकल्प रन रोक सकते हैं, लेकिन लगातार विकेट लेने की क्षमता कुलदीप यादव जैसी नहीं है।
नायर ने कुलदीप को भारत का 'एक्स-फैक्टर' गेंदबाज बताते हुए कहा कि बीच के ओवरों में वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते। ऐसे में उन्हें बाहर रखना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता।
पहले वनडे में जसप्रीत बुमराह की वापसी जरूर भारत के लिए बड़ी राहत रही, लेकिन कुलदीप यादव की गैरमौजूदगी ने यह बहस फिर तेज कर दी है कि क्या टीम इंडिया जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडरों पर निर्भर होती जा रही है।
भारत की प्लेइंग- XI: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेट कीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, गुरनूर बराड़, जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा।