A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Attempt to read property "title" on null
Filename: front/post_detail.php
Line Number: 30
Backtrace:
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 30
Function: _error_handler
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once
" onclick="javascript:window.open(this.href, '', 'menubar=no,toolbar=no,resizable=yes,scrollbars=yes,height=300,width=600');return false;"
target="_blank" title="Share on Facebook" class="float-right">
A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Attempt to read property "description" on null
Filename: front/post_detail.php
Line Number: 45
Backtrace:
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 45
Function: _error_handler
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once
भारत अपने करीबी देशों के साथ मिलकर अपने देश की बेहतरी के लिए तो तमाम तरह के कदम उठा ही रहा है। इसके साथ एक और काम हो रहा है। वो काम यह है कि चाइना को चेक एंड बैलेंस में रखा जाए। इसके लिए प्रेशर पॉलिटिक्स भी बहुत जरूरी हो जाती है। इसके लिए स्ट्रेटेजिक फॉरेशन, स्ट्रेटेजिक रिश्ते उन देशों के साथ जरूरी हो जाते हैं जो चीन के पड़ोसी हैं जिनको चीन से खतरा है। और यही वजह है कि भारत और इंडोनेशिया का कोलबोरेशन चाइना के माथे पर पसीना लाने वाला है। चीन के सामने कि तुम्हारे विस्तारवाद की नीति पर भारत के विकासवाद की राजनीति जो है वो भारी पड़ेगी। इस बात को भारत के प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के संसद में कहा है तो यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। भारत दुनिया का वो देश है जो विस्तारवाद नहीं विकासवाद की नीति पर चलता है और इसलिए हम भारत में कहते हैं सबका साथ सबका विकास टूगेदर विद ऑल डेवलप मेंट फॉर ऑल आज मैं यही मंत्र यही भावना लेकर इंडोनेशिया के आप सभी सांसद सदस्यों के बीच आया हूं। ऑनरेबल मेंबर्स हमारी राजधानियां भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो लेकिन समुद्र में हमारे बीच केवल 150 किलोमीटर की ही दूरी है। दूसरे देशों में समुद्र भले ही सीमाओं और दूरियों का कारण रहा हो लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र दूरी का प्रतीक नहीं रहा। समुद्र हमारे बीच एक सेतु है। इंडोनेशिया में इस बात को कहना बहुत अहम इसलिए भी है क्योंकि चीन साउथ चाइना सी में जो कर रहा है अलग-अलग क्षेत्रों में जो कर रहा है वो कई देशों के लिए परेशानियां खड़ी करता है। ऐसे में इंडोनेशिया एक तरफ जहां भारत से पहले ब्रह्मोस उसके बाद अब अस्त्र लेने की बात हो चुकी है, डील हो चुकी है तो दूसरी तरफ अपनी स्ट्रेटेजिक नाकेबंदी को मजबूत कर रहा है जिससे चाइना की दवाई की जा सके और इसके लिए स्टेट ऑफ मलक्का के पास एक अभूतपूर्व प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दे दी गई है।
भारत और इंडोनेशिया मिलकर हिंद महासागर में अपना एक नया हारमूज हारमूज कथित तौर पर जो हारमूज आपने देखा पॉलिटिक्स कि कैसे उसे चोक पॉइंट बना दिया ईरान ने एक झटके में तो इससे सबक लेते हुए भारत इंडोनेशिया भी एक बड़ा काम कर रहे हैं क्योंकि हारमोज स्टेट की तरह ही मलक्का की एंट्री पॉइंट है और यहां से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित जो इंदिरा पॉइंट है मात्र 100 मील दूर है। इस कदम के साथ भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर में चीन का सारा गेम प्लान फेल कर सकते हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को नई धार देते हुए भारत और इंडोनेशिया ने सवांग पोर्ट के संयुक्त विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बताया गया है कि दोनों देशों ने इंडोनेशिया की सवांग बंदरगाह को विकसित करने पर सहमति बनाई है। इसे आधुनिक रूप से तैयार किया जाएगा और इस द्वीप पर भारत का दखल बढ़ेगा। इंडोनेशिया दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति प्रोबोबो सुबो अयांतो के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सवांग बंदरगाह जो है वह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक मलक्का जलडमरू मध्य जिसे हम स्ट्रीट ऑफ मलक्का कहते हैं उसके प्रवेश द्वार पर स्थित है। सवांग पोर्ट भारत के महत्वाकांक्षी ग्रेटर निकोबार प्रोजेक्ट से लगभग महज 100 मील की ही दूरी पर है। चेन्नई के दक्षिण पूर्व में आगे बढ़ते चले जाएं। एक कदम आगे चेन्नई से स के जो तट है वो समुद्री रास्ते पर आगे बढ़े तो जहाज पहले बंगाल की खाड़ी पार करता है। फिर अंडमान सागर की ओर जाता हुआ मलक्का जल रमरू मध्य तक पहुंचता है।
सवांग पोर्ट मलक्का स्टेट के मुहाने पर है। भारत के लिए इसका महत्व अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक है। भारत का पूर्वी एशिया जैसे चीन, जापान, दक्षिण कोरिया के साथ हो रहे होने वाला बड़ा हिस्सा जो है इसी मार्ग से गुजरता है। भारत के पेट्रोलियम उत्पादों, कोयले, मशीनरी कंटेनर व्यापार के लिए ये समुद्री जीवन रेखा की तरह है। ईएक्ट ईस्ट एक्ट जो पॉलिसी है एक्ट ईस्ट पॉलिसी भारत की उसके तहत दक्षिण पूर्वी एशिया से संपर्क मजबूत करने में इसकी एक अहम भूमिका है। वैश्विक स्तर पर स्टेट स्ट्रेट जो है वो ऊर्जापूर्ति की प्रमुख लाइन में से गिना जाता है। पश्चिम एशिया से निकलने वाला कच्चा तेल गैस बड़ी मात्रा में इसी रास्ते से पूर्वी एशियाई देशों तक पहुंचता है। स्टेट ऑफ मरक्का से बताया जाता है कि हर साल करीब 2.8 ट्रिलियन डॉलर यानी कि 2800 अरब डॉलर का माल हर वर्ष गुजरता है।
Continue reading on the app