श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया माना गया है कि चढ़ावा की गणना प्रक्रिया के दौरान चोरी और गबन की घटनाएं हुईं। आरोपियों के बयान और उनके बैंक खातों में आय से अधिक धनराशि मिलने से इन आशंकाओं को बल मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से पहले भी ऐसी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, लेकिन उस अवधि का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने से वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन नहीं किया जा सका है।
उपलब्ध फुटेज में गणना कर्मियों द्वारा करीब 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाने जैसी संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई हैं। निर्धारित सुरक्षा उपायों का प्रभावी पालन न होने से इस गबन की गुंजाइश बनी, जिसमें प्रवेश-निकास पर तलाशी, निर्धारित वेशभूषा और निजी सामान पर प्रतिबंध जैसी व्यवस्थाएं व्यवहार में लागू नहीं थीं।
अयोध्या: SIT की 9 पेज की जांच रिपोर्ट सामने, गणना कक्ष में चोरी और गबन प्रथम दृष्टया साबित। CCTV में नोट छिपाते और हटाते कर्मचारी दिखे, SIT ने करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज कीं। 27 अप्रैल से 5 जून तक की CCTV जांच में लगातार गबन के संकेत, सुरक्षा नियम और SOP के पालन में गंभीर… pic.twitter.com/MzbU0IoiOI
— Roshan Kumar Journalist (@cameraman_r) July 7, 2026
डॉ. अनिल मिश्रा और प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की पर्यवेक्षणीय विफलता पर उठे सवाल रिपोर्ट में ट्रस्ट के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। बैंक के साथ मिलकर दिशा-निर्देश और एसओपी लागू कराने के बाद, उसके अनुपालन की समीक्षा और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन एसआईटी के अनुसार सतत पर्यवेक्षण और अनुश्रवण में भारी कमी दिखाई दी।
वहीं, दूसरी ओर गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को सुरक्षा व्यवस्था धरातल पर लागू कराने के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में नियमित तलाशी सुनिश्चित नहीं कराई गई, जिसके चलते चोरी की इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफलता हाथ लगी। सुरक्षा व्यवस्था के कमजोर होने का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि 20 सितंबर 2024 को ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए समझौते की सख्त सुरक्षा व्यवस्था को बदलकर 6 फरवरी 2025 की एसओपी में अनिवार्य तलाशी की जगह नियमित या रैंडम तलाशी कर दिया गया था।
रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की संदिग्ध भूमिका और बैंक अधिकारियों की लापरवाही जांच रिपोर्ट में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका को लेकर गंभीर प्रशासनिक चूक का जिक्र किया गया है। टिन्नू यादव के पास मंदिर परिसर की विभिन्न हुंडियों की चाबियां थीं, जबकि इसके लिए उन्हें कोई औपचारिक या लिखित प्राधिकरण नहीं दिया गया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने रिश्तेदार मनीष कुमार यादव की गणना ड्यूटी के लिए सिफारिश की थी, जिससे उसे कथित गबन का सीधा अवसर मिला।
इसके अलावा बैंक अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है, जिन्होंने गणना कर्मियों को निर्धारित वेशभूषा उपलब्ध नहीं कराई और अधिकारियों के मासिक रोटेशन के नियम का भी पालन नहीं किया। ऑडिट रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज को 180 दिनों तक सुरक्षित रखने की सिफारिश की गई थी, इसके बावजूद केवल 45 दिन का बैकअप रखा जा रहा था, जिससे प्रभावी निगरानी नहीं हो सकी।
आठ लोगों समेत प्रभारी सुभाष और टिन्नू यादव पर एफआईआर की सिफारिश एसआईटी ने इस प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कुल आठ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की सख्त संस्तुति की है। इसके अतिरिक्त, गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, वहां तैनात अन्य पर्यवेक्षणीय कर्मियों और अनाधिकृत रूप से चाबियां रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कर गहन विवेचना कराने की सिफारिश की गई है।
एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक निष्कर्ष हैं और विस्तृत विधिक जांच अभी जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने पर पर्यवेक्षणीय विफलताओं, प्रशासनिक जवाबदेही, संस्थागत खामियों तथा सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत निष्कर्ष और संस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी।
भारत के पूर्व T20I कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टीम और 15 साल के उभरते हुए खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उस बयान को भी खारिज कर दिया, जिसके बारे में उनका कहना था कि वह गलत तरीके से उनसे जोड़ा गया था। X पर एक पोस्ट में सूर्यकुमार ने भारतीय टीम पर भरोसा जताया और कहा कि खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें उनका पूरा समर्थन मिलता रहेगा।
सूर्यकुमार ने X पर लिखा क मैं टीम के लिए बहुत खुश हूँ और हमेशा उनके लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। मुझे पता है कि लड़के अपना पूरा ज़ोर लगा रहे हैं और उन्हें हमेशा मेरा पूरा समर्थन मिलेगा। वैभव के लिए एक खास बात - तुम एक बहुत ही रोमांचक सफ़र की शुरुआत पर हो। हर पल का आनंद लो और देश का मान बढ़ाते रहो। अनुभवी क्रिकेटर ने फ़ैन्स को गलत जानकारी पर विश्वास न करने या उसे शेयर न करने की सलाह दी और साफ़ किया कि ऑनलाइन घूम रहा एक बयान ग़लती से उनसे जोड़ दिया गया था।
सूर्यकुमार ने कहा कि मैंने देखा है कि ऑनलाइन एक बयान फैलाया जा रहा है जिसे ग़लती से मुझसे जोड़ा गया है। मैं साफ़ करना चाहता हूँ कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही इसके लिए मंज़ूरी दी है। कृपया बिना पुष्टि की गई जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे शेयर करें। भारतीय क्रिकेट, मेरे साथियों और खेल के लिए मेरा समर्थन हमेशा मेरे नाम से जोड़े गए झूठे बयानों से कहीं ज़्यादा ज़ोरदार साबित होगा।
सोशल मीडिया पर एक अनधिकृत बयान के फैलने के बाद सूर्यकुमार ने सफाई दी और फैंस से अपील की कि वे केवल उनके आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर दी गई वेरिफाइड जानकारी पर ही भरोसा करें। इस बीच, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे T20I मैच में इतिहास रचा गया, जब 15 साल और 99 दिन की उम्र में सूर्यवंशी सबसे कम उम्र के भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटर बन गए और उन्होंने दिग्गज सचिन तेंदुलकर (16 साल और 238 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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