भारत को 1983 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान कपिल देव ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। कपिल का मानना है कि 15 साल के वैभव में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसी असाधारण प्रतिभा नजर आती। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि इतनी कम उम्र में खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए और उसे खुद को निखारने का पूरा समय मिलना चाहिए।
स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कपिल देव ने कहा कि उन्होंने वैभव को ज्यादा नहीं देखा, लेकिन जितना भी देखा है, उससे उनकी प्रतिभा साफ दिखाई देती। उन्होंने कहा, 'मैंने उसे ज्यादा नहीं देखा, लेकिन जितना देखा है उससे साफ है कि वह बहुत बड़ा टैलेंट है। फिलहाल लोग उसके बारे में जरूरत से ज्यादा बात कर रहे। उसे समय दीजिए। इतनी कम उम्र में शायद उसे खुद भी नहीं पता होगा कि वह कितना बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।'
वैभव में सचिन-कोहली जैसा टैलेंट: कपिल देव कपिल देव ने वैभव की तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से करते हुए कहा कि अगर सिर्फ नेचुरल टैलेंट की बात करें तो वह उसी स्तर का खिलाड़ी नजर आता। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी यह तुलना सिर्फ टी20 क्रिकेट तक सीमित है। उनका मानना है कि वैभव को टेस्ट और वनडे जैसे लंबे फॉर्मेट में भी खुद को साबित करना होगा।
'टेस्ट में वैभव की असली परीक्षा होगी' उन्होंने कहा, 'अगर टैलेंट की बात करें तो वह सचिन और विराट जितना ही प्रतिभाशाली है। लेकिन यह टी20 क्रिकेट की बात। दूसरे फॉर्मेट में उसे अभी खुद को साबित करना होगा। जब वह टेस्ट क्रिकेट खेलेगा, तब असली परीक्षा होगी। क्या वह लगातार पांच ओवर मेडन खेलकर भी विकेट बचा पाएगा? यही असली चुनौती है।'
कपिल ने कहा कि सिर्फ टी20 में सफलता किसी खिलाड़ी के पूरे करियर का पैमाना नहीं हो सकती। रेड बॉल क्रिकेट में धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती की अलग परीक्षा होती। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सहवाग जैसे कुछ बल्लेबाज अलग सोच रखते थे। लेकिन टेस्ट क्रिकेट की मांग बिल्कुल अलग होती।
वैभव सूर्यवंशी ने पहले आईपीएल में सबसे कम उम्र में डेब्यू कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। हालांकि अब तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका नहीं मिला है। आयरलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में वह बेंच पर बैठे रहे और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सके। ऐसे में क्रिकेट जगत की नजर अब इस बात पर है कि टीम इंडिया उन्हें डेब्यू का मौका कब देती।