What is backlift in cricket : क्रिकेट का खेल दुनिया के सबसे रोमांचक खेलों में से एक है. इस खेल में कुल दो टीमों से 11-11 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं. इसके बाद शुरू होगा है गेंद और बल्ले के बीच में धमाकेदार मुकाबला. इस खेल का आनंद लेने के लिए मैदान पर भारी मात्रा में फैंस आते हैं. इस दौरान फैंस का मनोरंजन बल्लेबाज और गेंदबाज करते हैं. बल्लेबाज अपनी बल्ले से बड़े-बड़े शॉट लगाते हैं और मैदान पर छक्के-चौकों की बरसात कर देते हैं. वहीं गेंदबाज मैदान पर अपनी तेज रफ्तार गेंदों और स्पिन से बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेकर उनको दिन में तारे दिखा दते हैं.
क्रिकेट का खेल आज के समय में दुनिया भर में देखा जाता है. इस खेल का क्रेज देखते ही बनता है. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी और मजबूत टीमों में से मानी जाती है. उसके पास आईसीसी के सबसे ज्यादा खिताब है. वहीं भारतीय क्रिकेट टीम ने भी 1983 के बाद अपनी तस्वीर बदल दी है. भारतीय क्रिकेट टीम अब तक कुल 5 बार वर्ल्ड कप जीत चुकी है.
क्रिकेट के खेल में इंडिया की ओर से सुनील गावस्कर और सचिन तेंदलुकर जैसे महान बल्लेबाजों ने दुनिया भर का अपने शानदार खेल से मनोरंजन किया. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने इस खेल को और ज्यादा भारत में लोकप्रिया बनाया. टीम इंडिया के लिए अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, जहीर खान, भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाजों ने समय-समय पर टीम इंडिया के फैंस को झूमने पर मजबूकर कर डाला.
क्रिकेट के खेल में जितना योगदान गेंदबाजों ने दिया है, उससे कहीं ज्यादा इस खेल में बल्लेबाजों ने योगदान दिया है. इस खेल में बल्लेबाज जब कोई बड़ा शॉट लगाते हैं. या फिर बॉल को डिफेंस करते हैं. तो उसमें बैकलिफ्ट सबसे अहम रोल निभाती है. अब आप सोच रहे होंगे कि बैकलिफ्ट क्या है. ये क्रिकेट में बल्लेबाज के लिए कैसे काम करती है. लो और हाई बैकलिफ्ट के फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं.
backlift in cricket Photograph: (X/BCCI)
क्या होती है बैकलिफ्ट?
क्रिकेट का खेल खेलने के लिए आपको सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं करनी होती है. आप केवल अच्छी टाइमिंग और ताकत से ये खेल नहीं खेल सकते हैं. बल्कि क्रिकेट के इस खेल में तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. क्रिकेट में इसी तकनीक का एक अहम हिस्सा होती है बैकलिफ्ट (Backlift).
दरअसल, जब बल्लेबाज बॉल खेलने के लिए तैयार होता है. गेंदबाज उसे गेंद डालता है और बल्लेबाज गेंद को मारने के लिए जाता है. उस समय गेंद को हिट करने से पहले उसका बल्ला पीछे की ओर हवा में उठता है. उसके बाद गेंद से आकर टकराता है. बल्ले के गेंद को हिट करने से पहले पीछे उठने की प्रकिया को बैकलिफ्ट कहते हैं. क्रिकेट में बैकलिफ्ट तय करती है कि बल्लेबाज शॉट कितनी ताकत, गति और नियंत्रण के साथ खेल पाएगा.
अगर हम आपको सरल भाषा में समझाएं तो, बैकलिफ्ट वो मूवमेंट है जिसमें बल्लेबाज गेंद आने से पहले अपने बल्ले को पीछे और ऊपर उठाता है. ऐसा करने पर गेंद आते ही सही समय पर बल्ला नीचे लाकर शॉट खेल सके. ये बल्लेबाज के लिए शॉट लगाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, जो उसके शॉर्ट की दिशा और दशा दोनों तय करता है.
क्रिकेट में बल्लेबाज के लिए क्या काम करती है बैकलिफ्ट?
क्रिकेट में बल्लेबाजों के लिए बैकफिल्ट पावर प्रदान करने का काम करती है. बैकलिफ्ट से ही बल्लेबाज का शॉट कैसा होगा ये तय होता है. बल्लेबाज अगर बड़ा शॉट खेलना चाहेगा तो वो हाई बैकलिफ्ट का पूरी ताकत के साथ इस्तेमाल करेगा. वहीं अगर वो डिफेंसिव शॉट खेलना चाहता है तो वो लो बैकफिफ्ट का इस्तेमाल करेगा और बॉल कम ताकत यानी की धीमे से बॉल को टैप कर देगा. ऐसे में कहा जाता है कि क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाज के लिए बैकलिफ्ट पावर का काम करती है, जो उसे शॉट खेलने के लिए मूवमेंट देती है.
backlift in cricket Photograph: (AFP)
क्या होती है हाई बैकलिफ्ट?
क्रिकेट में बड़ा शॉट खेलने के लिए हाई बैकलिफ्ट का ज्यादा उपयोग दिया जाता है. हाई बैकलिफ्ट का चौके-छक्के लगाने के लिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. हाई बैकलिफ्ट में बल्लेबाज बल्ले को कंधे या सिर के स्तर से भी ऊपर तक ले जाता है. उसके बाद जब गेंदबाज बॉल डालता है तो वो बल्ले को बॉल के पास जोर से लाता है.
हाई बैकलिफ्ट के फायदे
ज्यादा पावर मिलती है - बल्ला अधिक दूरी तय करता है, जिससे शॉट में ताकत बढ़ती है.
बड़े शॉट खेलने में मदद - ड्राइव, पुल, कट और लॉफ्टेड शॉट अधिक प्रभावी होते हैं.
तेज गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाने में सहायक - सही टाइमिंग के साथ गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाना आसान होता है.
हाई बैकलिफ्ट के नुकसान
बल्ला नीचे आने में थोड़ा अधिक समय ले सकता है.
बहुत तेज गेंदों या स्विंग गेंदबाजी के खिलाफ टाइमिंग बिगड़ने का खतरा रहता है.
तकनीक सही न हो तो विकेट गंवाने की संभावना बढ़ जाती है.
backlift in cricket Photograph: (X/BCCI)
क्या होती है लो बैकलिफ्ट?
क्रिकेट के खेल में लो बैकलिफ्ट का भी अपना अलग महत्व होता है. लो बैकलिफ्ट खिलाड़ियों को डिफेंसिव खेलने के बहुत मदद करती है. लो बैकलिफ्ट में बल्लेबाज बल्ले को कम ऊंचाई तक उठाता है और बल्ले को शरीर के करीब रखता है. इससे की गेंद अगर तेजी गति से उसके पास आ रही है तो वो बॉल को आसानी से और जल्दी खेल पाए.
लो बैकलिफ्ट के फायदे
बेहतर नियंत्रण - बल्ला जल्दी नीचे आता है, जिससे गेंद पर नियंत्रण बढ़ता है.
रक्षात्मक बल्लेबाजी के लिए बेहतर - टेस्ट क्रिकेट में यह तकनीक काफी उपयोगी मानी जाती है.
स्विंग और सीम गेंदबाजी के खिलाफ मददगार - गेंद की लाइन और लेंथ के अनुसार जल्दी प्रतिक्रिया दी जा सकती है.
लो बैकलिफ्ट के नुकसान
शॉट में ताकत अपेक्षाकृत कम हो सकती है.
बड़े छक्के और लंबे शॉट खेलना थोड़ा कठिन हो सकता है.
सीमित ओवरों के क्रिकेट में तेजी से रन बनाने में कभी-कभी बाधा बन सकती है.
backlift in cricket Photograph: (X/BCCI)
आपको बता दें कि, क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक बल्लेबाज अक्सर हाई बैकलिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इससे बड़े शॉट खेलने में आसानी होती है. वहीं तकनीकी और रक्षात्मक बल्लेबाज लो बैकलिफ्ट को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि इससे गेंद पर बेहतर नियंत्रण मिलता है. टेस्ट क्रिकेट में लो बैकलिफ्ट का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है. वहीं टी20 और वनडे क्रिकेट में हाई बैकलिफ्ट का इस्तेमाल होता है.