टीसीएस नासिक मामले पर बोले एन चंद्रशेखरन, अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो कंपनी लेगी सख्त एक्शन
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि अगर कंपनी की नासिक यूनिट के यौन उत्पीड़न के मामले में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो कंपनी उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।
टीसीएस की 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग में बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा,यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता है, लेकिन हमें जो शुरुआती रिपोर्ट मिली है, उससे पता चलता है कि कंपनी को किसी भी चैनल या ईमेल के जरिए कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने आगे कहा, हम यह पुख्ता करना चाहते हैं कि नासिक ऑफिस पर मौजूद हर व्यक्ति जांच करने वालों से बात कर सके। अगर हमें प्रोसेस में कोई कमी मिलती है, तो प्रोसेस को और मजबूत किया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी की गलती पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम औपचारिक जांच पूरी होने का इंतजार करेंगे और अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
बीते महीने नासिक पुलिस की स्पेशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है।
वहीं, मामले की आंतरिक जांच के लिए टीसीएस ने डेलॉयट और ट्राइलीगल को इंडिपेंडेंट एडवाइजर के तौर पर हायर किया था। यह जांच टीसीएस की प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन की देखरेख में हो रही है।
कंपनी ने नतीजों की समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव देने के मकसद से एक निगरानी समिति भी बनाई है, जिसके प्रमुख इंडिपेंडेंट डायरेक्टर केकी मिस्त्री हैं।
यह मामला सबसे पहले मार्च में सामने आया, जब टीसीएस की नासिक बीपीओ यूनिट में काम करने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
जांच के दौरान, पुलिस ने 2022 से 2026 के बीच हुए मानसिक और यौन उत्पीड़न, और सीनियर मैनेजरों की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने से जुड़े आठ और एफआईआर दर्ज किए। कुछ शिकायतकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप भी लगाए।
--आईएएनएस
एबीएस
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इसी महीने फ्रांस जाएंगे PM मोदी, G7 समिट में रखेंगे भारत का पक्ष; ग्लोबल साउथ को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाएंगे. इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, स्लोवाकिया की पहली ऐतिहासिक प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा करेंगे और G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. यात्रा का मुख्य फोकस रणनीतिक साझेदारी, नवाचार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सहयोग पर रहेगा.
फ्रांस में मैक्रों के साथ होगी अहम बैठक
यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी 13-14 जून को फ्रांस के नीस पहुंचेंगे, जहां 14 जून को उनकी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी. दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे. इसी वर्ष दोनों देशों के रिश्तों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक उन्नत किया गया है.
नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे. भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटल फंड हिस्सा लेंगे.
स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा
यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया का दौरा करेंगे. 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी. प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ वार्ता करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे. दोनों देश व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल निर्माण और रेलवे विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे.
G7 शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत मौजूदगी
यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 16 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में वह G7 देशों के नेताओं, आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. सम्मेलन में “नई साझेदारियां और वैश्विक एकजुटता”, “संतुलित और सतत आर्थिक विकास” तथा “AI के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग” जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा. इस दौरान प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे.
पेरिस में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस जाएंगे, जहां वह यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप सम्मेलन विवा टेक सम्मिट में भाग लेंगे. इसके अलावा उनके पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है.
भारत की वैश्विक भूमिका होगी और मजबूत
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह यूरोप यात्रा भारत-फ्रांस और भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई मजबूती देगी. G7 में उनकी मौजूदगी ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगी. साथ ही ‘भारत इनोवेट्स’ और VivaTech जैसे मंचों पर भागीदारी भारत को नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप इकोसिस्टम के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी. यह यात्रा यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है.
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