अगर आपका बच्चा भी बात-बात पर झल्लाता और जिद करता है, तो डांटने के बजाय उसके सोने के कमरे से हटा दें ये 1 चीज
अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है, झल्लाता है या हर बात पर जिद करने लगता है, तो सिर्फ डांट-फटकार ही समाधान नहीं है. कई बार इसका कारण उसके सोने का माहौल और रोज की आदतें होती हैं, जो उसके मूड और बिहेवियर को सीधे प्रभावित करती हैं.
India slams Pakistan at UNSC: भारत ने यूएनएससी में पाकिस्तान के हमलों के खिलाफ यूएन और अफगानिस्तान के रुख का किया समर्थन
भारत ने पाकिस्तान के हमलों के खिलाफ अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र का पुरजोर समर्थन किया है, साथ ही अपने पड़ोसी देश के विरुद्ध इस्लामाबाद द्वारा की जा रही 'अविवेकपूर्ण' हिंसा की कड़ी निंदा भी की है.
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कहा, “पाकिस्तान ने आज अपने बयान में यूएनएएमए (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) के इरादों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.”
बहुपक्षवाद पर पाकिस्तान के 'दोहरे मापदंड'
अफगानिस्तान के हालात पर एक चर्चा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, “हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के लिए कोई ऐसा विकल्प नहीं है, जिसे अपनी सुविधा के अनुसार चुना या छोड़ा जा सके.”
उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों के संदर्भ में दोहरे मापदंडों का स्पष्ट उदाहरण हैं.
आम नागरिकों की सुरक्षा और जांच की मांग
पी. हरीश ने कहा, "हम यूएनएएमए रिपोर्ट में बताए गए एयरस्ट्राइक, क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग और टारगेटेड किलिंग से आम लोगों के मारे जाने पर महासचिव की गहरी चिंता को दोहराते हैं. हम महासचिव की उस अपील का समर्थन करते हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जिम्मेदारियों का पालन करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई है."
उन्होंने आगे कहा, "हम यूएनएएमए की पहले की उन अपीलों का भी समर्थन करते हैं जिनमें जवाबदेही सुनिश्चित करने, घटनाओं को दोबारा होने से रोकने और पीड़ितों के अधिकारों को बनाए रखने के लिए जांच की मांग की गई थी."
यूएन रिपोर्ट: हवाई हमलों में भारी तबाही
यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 जनवरी से 31 मार्च के बीच 372 अफगानी नागरिक मारे गए और 392 घायल हुए. इनमें से ज्यादातर आम लोगों की मौत एयर स्ट्राइक से हुई और कुछ क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग से भी हुई.
रिपोर्ट में विशेष रूप से जिक्र किया गया है कि एक एयर स्ट्राइक 16 मार्च को काबुल के 'ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल' पर हुई थी, जिसमें कम से कम 269 लोग मारे गए और 122 घायल हुए. मृतकों में ज्यादातर लोग अस्पताल के मरीज थे.
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पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट ने अफगानिस्तान की स्थिति की जिम्मेदारी को बाहरी कारकों पर डालने की कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान से यूएनएएमए की रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता और तालिबान के साथ उसके संवाद की प्रकृति को लेकर गंभीर प्रश्न हैं. इफ्तिखार अहमद ने पाकिस्तान के हमलों को काउंटर-टेररिज्म एक्शन (आतंकवाद विरोधी कार्रवाई) बताया.
हालांकि, भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान के इस तर्क को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, “किसी हत्याकांड को सैन्य ऑपरेशन का रूप देने से अपराधी बरी नहीं हो जाता है. आम लोगों को मारना, अपाहिज बनाना और अनाथ करना काउंटर टेररिज्म नहीं है.”
हरीश ने अंत में कहा, “भारत यूएनएएमए और उसके मैंडेट के महत्व पर जोर देना चाहता है और इस मुश्किल समय में यूएनएएमए को अपना पूरा समर्थन देना चाहता है, क्योंकि यह अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है.”
स्रोत--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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