राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच प्रक्रिया के दौरान खारिज कर दिया गया है, जिससे राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए उनकी दावेदारी समाप्त हो गई है। खबरों के मुताबिक, नटराजन ने अपने नामांकन पत्रों में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले से संबंधित जानकारी छिपाई थी। अदालत से प्राप्त दस्तावेजों से सामने आए घटनाक्रम ने कांग्रेस खेमे में सनसनी मचा दी है।
इससे पहले भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप है कि उन्होंने तेलंगाना में चल रही एक कानूनी कार्यवाही से संबंधित जानकारी छिपाई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोहन यादव सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि नटराजन से जुड़ा एक मामला तेलंगाना की अदालत में लंबित है, जिसका खुलासा उन्होंने अपने नामांकन पत्र में नहीं किया। भाजपा ने नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की थी और तर्क दिया है कि जानकारी छिपाना चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है।
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दुनिया की सबसे चर्चित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल स्पेसएक्स के संभावित शेयर बाजार प्रवेश को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। एलन मस्क की इस कंपनी को लंबे समय से निजी क्षेत्र की सबसे मूल्यवान कंपनियों में गिना जाता रहा है और अब इसके आईपीओ को लेकर वैश्विक निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी का संभावित मूल्यांकन करीब 1.75 लाख करोड़ डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशक इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं। बाजार से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक शेयरों की मांग उपलब्ध हिस्सेदारी से अधिक बताई जा रही है, जिससे इस आईपीओ को लेकर उत्साह और बढ़ गया है।
बता दें कि स्पेसएक्स अंतरिक्ष प्रक्षेपण, उपग्रह सेवाओं और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में काम करती है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसी कारण निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही है।
रिपोर्टों के अनुसार कंपनी ने इस बार सामान्य निवेशकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुरक्षित रखने की योजना बनाई है। आमतौर पर बड़े आईपीओ में संस्थागत निवेशकों का दबदबा रहता है, लेकिन इस बार छोटे निवेशकों को भी भागीदारी का अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी का कारोबार एसपीसीएक्स संकेत नाम के तहत सूचीबद्ध हो सकता है। इच्छुक निवेशकों को आवेदन करने के लिए किसी अधिकृत दलाली मंच पर खाता होना आवश्यक होगा। इसके अलावा संबंधित प्लेटफार्म द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।
गौरतलब है कि केवल रुचि दर्ज कराने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होगी। अंतिम मूल्य निर्धारण और आवंटन प्रक्रिया के बाद ही यह तय होगा कि किस निवेशक को कितने शेयर मिलेंगे। विभिन्न ब्रोकरेज प्लेटफार्मों के नियम भी अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ मंच न्यूनतम राशि या खाते में निश्चित धनराशि की शर्त रखते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जहां ऐसी बाध्यता नहीं होती है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को यह भी सलाह दी है कि सूचीबद्ध होने के तुरंत बाद जल्दबाजी में शेयर बेचने से बचना चाहिए। कुछ मंचों ने चेतावनी दी है कि बहुत कम समय में शेयर बेचने वाले निवेशकों पर भविष्य के सार्वजनिक निर्गमों में भागीदारी को लेकर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
बता दें कि यह अवसर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रह सकता है। कंपनी ने संकेत दिया है कि कई देशों के पात्र निवेशक स्थानीय नियमों और शर्तों के अनुसार इसमें भाग ले सकते हैं। हालांकि प्रत्येक देश के नियम अलग-अलग हैं और निवेशकों को आवेदन से पहले अपने देश के नियमों की जानकारी लेना आवश्यक होगा। भारत भी उन देशों में शामिल बताया जा रहा है जहां पात्र निवेशकों को भागीदारी का अवसर मिल सकता है।
यदि किसी निवेशक को आईपीओ में शेयर नहीं मिलते हैं, तब भी उसके लिए निवेश का रास्ता खुला रहेगा। सूचीबद्ध होने के बाद खुले बाजार में शेयर खरीदे जा सकेंगे। हालांकि शुरुआती दिनों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अवसरों के साथ जोखिमों को भी समझना चाहिए। कंपनी का मूल्यांकन काफी ऊंचे स्तर पर माना जा रहा है, जिससे भविष्य में प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहने पर दबाव बन सकता है। इसके अलावा अंतरिक्ष प्रक्षेपण, उपग्रह तैनाती, भारी पूंजी निवेश और नियामकीय बदलाव जैसे कारक भी कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि स्पेसएक्स का संभावित आईपीओ हाल के वर्षों के सबसे चर्चित बाजार प्रवेशों में से एक माना जा रहा है। ऐसे में निवेशकों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं, लेकिन किसी भी निवेश निर्णय से पहले जोखिम और संभावनाओं दोनों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना आवश्यक माना जा रहा है।
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