अडानी ग्रुप का बड़ा दांव! ₹3,050 करोड़ में खरीद ली ये कंपनी, शेयरधारकों की लगी लॉटरी
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने ₹3,050 करोड़ में IntelliSmart Infrastructure का 100% अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इस डील के बाद कंपनी 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों के साथ भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। अडानी एनर्जी का शेयर पिछले 1 साल में 74% और 3 साल में 89% तक चढ़ चुका है।
Debit Card: डेबिट कार्ड EMI लेने से पहले जान लें ये जरूरी बात, लोन की तरह बिगड़ सकता सिबिल स्कोर
महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी या घरेलू उपकरण खरीदते समय आजकल डेबिट कार्ड ईएमआई का विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा। कई लोगों को लगता है कि चूंकि भुगतान उनके अपने बैंक खाते से होता है, इसलिए यह किसी लोन या क्रेडिट सुविधा जैसा नहीं है। लेकिन हकीकत इससे अलग है।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, डेबिट कार्ड ईएमआई भी एक तरह की उधारी व्यवस्था होती है। इसमें बैंक ग्राहक को पूरी रकम एक साथ चुकाने के बजाय किस्तों में भुगतान करने की सुविधा देता है। यही वजह है कि कई मामलों में इसे छोटे कंज्यूमर लोन की तरह माना जाता है।
आमतौर पर यह सुविधा उन्हीं ग्राहकों को मिलती है जिनका बैंक के साथ अच्छा संबंध और स्थिर ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड होता है। ईएमआई मंजूर होने के बाद खरीदारी की राशि को तय अवधि की मासिक किस्तों में बदल दिया जाता है, जो सीधे ग्राहक के सेविंग अकाउंट से कटती रहती हैं।
ऑनलाइन सेल और फेस्टिव सीजन के दौरान डेबिट कार्ड ईएमआई का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे महंगे प्रोडक्ट्स तुरंत खरीदना आसान हो जाता है। हालांकि, कई लोग यह नहीं जानते कि ऐसी EMI उनके क्रेडिट रिकॉर्ड का हिस्सा भी बन सकती है।
क्या डेबिट कार्ड ईएमआई से सिबिल स्कोर पर असर पड़ता?
इसका जवाब है- हां, कई मामलों में ऐसा हो सकता है। अगर बैंक या उससे जुड़ी वित्तीय संस्था ईएमआई की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो जैसे सिबिल को भेजती है, तो ये आपके क्रेडिट इतिहास में दर्ज हो सकती है। इसके बाद आपकी भुगतान आदतें अहम हो जाती हैं।
समय पर ईएमआई चुकाने से क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जिनका पहले कोई बड़ा क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं रहा है। लेकिन किस्त समय पर नहीं कटती, ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है या डिफॉल्ट होता है, तो सिबिल स्कोर पर निगेटिव इम्पैक्ट पड़ता है। हालांकि सभी डेबिट कार्ड ईएमआई योजनाएं एक जैसी नहीं होतीं। कुछ योजनाएं सीधे बैंकों द्वारा संचालित होती हैं, जबकि कुछ बैंक और एनबीएफसी की साझेदारी में चलाई जाती हैं। इसी वजह से कुछ लोगों की EMI क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देती है, जबकि कुछ की नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे ईएमआई रिपोर्ट में दिखे या नहीं, हर ईएमआई को कर्ज की तरह ही समझना चाहिए।
लोग क्यों पसंद कर रहे हैं डेबिट कार्ड ईएमआई?
डेबिट कार्ड ईएमआई की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान उपलब्धता है। जिन लोगों के पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प बन गया है। हालांकि इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि छोटी-छोटी किस्तें देखकर लोग अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च करने लगते हैं। एक साथ कई ईएमआई लेने पर मासिक बजट पर दबाव बढ़ सकता है।
वित्तीय योजनाकारों का मानना है कि डेबिट कार्ड ईएमआई का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाए तो यह वित्तीय विश्वसनीयता बनाने में मदद कर सकती है। लेकिन लापरवाही से इस्तेमाल करने पर यह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और भविष्य की लोन पात्रता दोनों को प्रभावित कर सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
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