भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। इस दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हुई हिंसा, बांग्लादेश के साथ सीमा वार्ता, ओमान तट के पास फंसे भारतीय नाविकों के बचाव अभियान, पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा में रहे।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों को लेकर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठी खबरें और भ्रामक वीडियो फैलाकर अपने आंतरिक विफलताओं तथा मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पुलिस की गंभीर बर्बरता की खबरें सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। भारत ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कृत्यों और मानवाधिकार हनन के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
हम आपको बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आज प्रस्तावित बंद और प्रदर्शन से पहले हालात हिंसक हो गए। वहां प्रतिबंधित संगठन संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी के समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव में ग्यारह लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग सत्तर लोग घायल बताए गए हैं। यह प्रदर्शन क्षेत्रीय विधानसभा चुनावों में बारह आरक्षित सीटों के विरोध में किया जा रहा था। प्रदर्शनकारी इन सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इन पर ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं जो कश्मीर में नहीं बल्कि पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रहते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी एक अस्पताल के शवगृह के बाहर एकत्र हुए थे, जहां पुलिस गोलीबारी में मारे गए एक कार्यकर्ता का शव रखा गया था। पूंछ क्षेत्र के आयुक्त सरदार वहीद खान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई, जबकि जवाबी कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पुलिस प्रमुख लियाकत मलिक ने कहा कि घटना में तेइस सुरक्षाकर्मी और पचास प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं तथा तीस लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उधर, संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी के नेता शौकत नवाज मीर ने रावलकोट में लोगों के नरसंहार का आरोप लगाते हुए बंद जारी रखने की बात कही है। हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई की गई थी। अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने स्वचालित हथियारों, पेट्रोल बमों और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया। हम आपको बता दें कि क्षेत्रीय सरकार ने शुक्रवार को इस संगठन को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंधित घोषित कर दिया था और पर्यटकों को नौ जून से पहले क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी थी।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में भारत और बांग्लादेश के बीच जारी सीमा सुरक्षा वार्ता का भी उल्लेख किया गया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल के महानिदेशक स्तर की बैठक चल रही है, जिसमें दोनों देशों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
साथ ही ओमान तट के पास फंसे जहाज एमटी मेरीवेक्स के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह जहाज ओमान के तट के निकट खराब हो गया था। इस पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। भारतीय दूतावास ने ओमान प्रशासन से संपर्क कर बचाव अभियान चलवाया, जिसके बाद सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारत ने इस अभियान में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भारत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। इसके अलावा भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भारतीय कानूनों के अनुसार की जाएगी। कुछ लोगों के नो मेन्स लैंड में होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और यह मुद्दा आगामी चर्चाओं में उठाया जा सकता है।
इसके अलावा, विदेश मामलों से जुड़ी एक और बड़ी खबर यह रही कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल अहमद अल जाबेर अल सबाह से बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और ताजा घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के मजबूत समर्थन को दोहराते हुए कुवैत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही सबसे उपयुक्त रास्ता है। प्रधानमंत्री ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए अमीर द्वारा दिए जा रहे व्यक्तिगत ध्यान के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बढ़ी हुई है और अमेरिका तथा ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हम आपको याद दिला दें कि कुवैत पर हुए ईरानी हमले में कई लोग घायल हो गये थे और एक भारतीय की मृत्यु हो गयी थी।
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