Kal Ka Mausam: दिल्ली-NCR में U-turn लेगा मौसम, गरज-चमक के साथ पड़ेंगे छींटे; येलो अलर्ट जारी
Kal Ka Mausam: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों यानी NCR में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. उमस और तेज धूप से लोग परेशान हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस बीच एक राहत भरी खबर दी है. मौसम विभाग ने हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है.
कैसे मोहम्मद अली बना UP का आयुष मलिक? जानें हिंदू से मुसलमान बनने की वजह
उत्तर प्रदेश के शामली का आयुष मलिक अब मोहम्मद अली बन चुका है. धर्म परिवर्तन, प्रेम विवाह, करोड़ों की संपत्ति और पुलिस जांच जैसे विभिन्न एंगलों ने केस को हाईलाइट कर दिया है. केस का सबसे चर्चित पहलू सिर्फ धर्म परिवर्तन नहीं है बल्कि आर्थिक एंगल भी है, जिस पर परिवार और जांच एजेंसियों की नजरें हैं. आयुष मलिक के परिवार का दावा है कि उनके पास शामली में करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं. कहा जा रहा है कि जिस शोरूम में आयुष रहता है, उसकी कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये है. वहीं, शामली और आसपास के इलाकों में परिवार की कुल संपत्तियां 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
इसी बीच, आयुष के पिता देवराज मलिक ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज करवा दी है. पिता ने कहा कि उनके बेटे को सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया गया है. इसके पीछे परिवार की संपत्ति पर नजर रखने की साजिश हो सकती है. वहीं, आयुष और उसके समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे व्यक्तिगत निर्णय किया है.
ऐसे में सवाल आता है कि आखिर कैसे इस्लाम के प्रति आयुष की दिलचस्पी बढ़ी? आइये जानते हैं…
आयुष का दावा है कि एक समय उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और हाथों में कंपन थे. इस दौरान, उन्हें इंटरनेट पर एक वीडियो दिखाई दिया, जिसमें कुछ आयतें पढ़ने की सलाह दी गई थी. उस वीडियो ने कोई चमत्कार नहीं किया. लेकिन मेरे अंदर एक जिज्ञासा पैदा कर दी. इसके बाद उन्होंने इस्लामिक साहित्य, धार्मिक व्याख्यान और ऑनलाइन सामग्री को गंभीरता से पढ़ना, लिखना और सुनना शुरू कर दिया. आयुष का कहना है कि सवालों का जवाब तलाशते-तलाशते उनकी रुचि बढ़ने लगी और धीरे-धीरे इस्लाम की शिक्षाओं को उन्होंने समझना शुरू कर दिया.
Shamli, Uttar Pradesh: On converting from Hinduism to Islam and his marriage to Chandni, Mohammad Ali (Ayush Malik) says, "Four years ago, our marriage was conducted according to Muslim customs and traditions near a mosque..." pic.twitter.com/Gzh48Rgrk9
— IANS (@ians_india) June 8, 2026
अलग-अलग विद्वानों को सुना फिर निष्कर्ष निकाला
आयुष की मानें तो साल 2007-2008 के आसपास से ही उन्होंने इस्लाम के बारे में जानना शुरू कर दिया था. उनका दावा है कि ये कोई ऐसा फैसला नहीं था, जो कुछ दिनों में लिया गया हो. वर्षों तक उन्होंने विभिन्न धार्मिक विषयों पर रिसर्च किया और अलग-अलग विद्वानों को सुना, इसके बाद अपनी समझ के आधार पर मैंने निष्कर्ष निकाला. धर्म परिवर्तन उनके लिए एक लंबी और वैचारिक प्रक्रिया का प्रणाम था.
पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर से भी ली जानकारी
आयुष ने ये भी स्वीकार किया है कि उसने कई इस्लामिक विद्वानों के वीडियो देखे हैं, जिनमें पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इशरार अहमद भी शामिल है. वह किसी भी एक व्यक्ति से प्रभावित नहीं हुआ है. दुनिया भर के वक्ताओं को सुनकर और विभिन्न सोर्सों से जानकारी हासिल करके उन्होंने ये जानकारियां हासिल की. किसी व्यक्ति विशेष से अधिक इस्लाम की शिक्षाओं और पैगंबर मोहम्मद के जीवन ने उसको ज्यादा प्रभावित किया.
मामले में क्या बोले मौलाना
मौलाना कासिम ने मामले में अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है किसी भी व्यक्ति पर मुसलमान धर्म थोपा नहीं जा सकता है. इस्लाम अपनाने की कुछ धार्मिक शर्तें होती हैं. वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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