बच्चा अगर न हो तो क्या है इसके कारण, डॉक्टर से समझिए
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, गलत खानपान और देर रात तक जागने की आदत महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन पैदा कर रही है. चंदौली के केजी नंदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के अनुसार यही आधुनिक जीवनशैली महिलाओं में इनफर्टिलिटी का सबसे बड़ा कारण है. इसके चलते पीसीओडी, ट्यूब ब्लॉकेज, अंडों का न बनना और ओवेरियन सिस्ट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. डॉ. तिवारी ने कहा कि बांझपन के लिए केवल महिलाओं को दोष देना गलत है. इसके लिए 50% मामलों में पुरुष में कम स्पर्म काउंट या हार्मोनल दिक्कतें जिम्मेदार होते हैं. इसलिए इलाज से पहले पति-पत्नी दोनों की जांच जरूरी है. उन्होंने इंटरनेट या ऑनलाइन इलाज को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि डॉक्टर और मरीज का आमने-सामने मिलना अनिवार्य है. पूरी जानकारी इस वीडियो में देखिए.
हर 3 साल में करें खेत की गहरी जुताई, बढ़ेगी मिट्टी की ताकत,मिलेगा बंपर उत्पादन
छतरपुर के नौगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ कृषि वैज्ञानिक डॉ. कमलेश अहिरवार ने कहा कि वर्तमान में जिले के अधिकांश खेत खाली हैं. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. ऐसे समय में खेतों की गहरी जुताई कराना सबसे अधिक लाभदायक रहता है. यह प्रक्रिया खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के लिए भी फायदेमंद साबित होती है. किसानों को खेत की जुताई कल्टीवेटर या हेरो की बजाय प्लाऊ से करानी चाहिए। प्लाऊ मिट्टी को आधा से एक फीट तक पलट देता है, जिससे नीचे बनी कठोर परत टूट जाती है.
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