जोजिला टनल का असली हीरो, यूसुफ रहीमाबादी की कहानी : 11500 फुट ऊपर -30 डिग्री में 2077 दिन लड़कर चीरा हिमालय का सीना
Zojila Tunnel Breakthrough: कश्मीर और लद्दाख को 365 दिन जोड़ने वाली जोजिला टनल का ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू हो गया है. 11500 फुट की ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की पहली टू-लेन सुरंग है. अब 3 घंटे का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा. इसे बनाने में ईरानी इंजीनियर यूसुफ रहीमाबादी समेत 1200 जांबाजों ने माइनस 30 डिग्री में 2077 दिनों तक काम किया. यह सुरंग सेना के लिए भी एक सुरक्षित बंकर बनेगी.
RBI के एक फैसले से बैंकिंग शेयरों में आई तूफानी तेजी: बैंक निफ्टी 55100 के पार; पीएसयू बैंकों ने लगाई लंबी छलांग
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बैंकिंग शेयरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए नई फॉरेक्स स्वैप सुविधा की विस्तृत गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी तेज हो गई। इसका असर यह रहा कि बैंक निफ्टी करीब 2 फीसदी उछलकर 55100 के स्तर को पार कर गया, जबकि सरकारी बैंकों के शेयरों में 5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
दोपहर करीब 1:15 बजे बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.9 फीसदी की बढ़त के साथ 55093 पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान यह 55100 के ऊपर भी पहुंच गया। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.04 फीसदी और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.48 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।
बैंक निफ्टी में आई तूफानी तेजी
सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला। बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 5 फीसदी चढ़ गया। केनरा बैंक में 3.7 फीसदी, पंजाब नेशनल बैंक में 3.6 फीसदी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 2.1 फीसदी की तेजी रही। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक का शेयर भी करीब 2 फीसदी मजबूत हुआ और निफ्टी-50 के टॉप गेनर्स में शामिल रहा।
आरबीआई के एक फैसले से बैंकिंग स्टॉक भागे
निजी बैंक भी इस रैली में पीछे नहीं रहे। फेडरल बैंक 3.4 फीसदी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 3.2 फीसदी और इंडसइंड बैंक 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। वहीं आईसीआईसीआई बैंक में 1.9 फीसदी और एक्सिस बैंक में 1.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। खास बात यह रही कि बैंक निफ्टी के सभी शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
दरअसल, आरबीआई ने सोमवार को FCNR(B) डिपॉजिट और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग से जुड़ी सुविधाओं के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे। नई व्यवस्था के तहत अधिकृत बैंक 30 सितंबर तक तीन से 5 साल की अवधि वाले नए और नवीनीकृत FCNR(B) डिपॉजिट के लिए रियायती स्वैप विंडो का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पात्र विदेशी उधारी पर भी स्वैप सुविधा मिलेगी।
ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि इस कदम से बैंकों की फंडिंग प्रोफाइल मजबूत होगी। इससे मध्यम अवधि के विदेशी मुद्रा डिपॉजिट बढ़ेंगे और घरेलू जमा जुटाने पर निर्भरता कम होगी।
विदेशी पूंजी भारत आने की उम्मीद
वहीं जेफरीज ने कहा कि रिजर्व बैंक का यह कदम बैंकों के लिए बेहद सकारात्मक है और इससे बड़ी मात्रा में विदेशी पूंजी भारत आ सकती। ब्रोकरेज के मुताबिक, इस योजना के तहत FCNR(B) डिपॉजिट पर बैंकों को हेजिंग लागत नहीं उठानी होगी। साथ ही इन डिपॉजिट पर सीआरआर और एसएलआर जैसे नियम भी लागू नहीं होंगे।
जेफरीज का अनुमान है कि आरबीआई की इस पहल से 50 से 70 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश आ सकता है। तुलना करें तो 2013 में इसी तरह की योजना के दौरान करीब 34 अरब डॉलर का निवेश आया था।
बैंकिंग शेयरों में मजबूती का असर पूरे बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स 304 अंक चढ़कर 73828 पर पहुंच गया जबकि निफ्टी करीब 99 अंक की बढ़त के साथ 23220 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों के मुकाबले लगभग दोगुनी रही।
(प्रियंका कुमारी)
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