AIBE 21 Answer key 2026: ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन प्रोविजनल आंसर की जल्द होगी जारी, ऐसे कर सकेंगे चेक
ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE-XXI) 2026 में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। 7 जून 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के बाद अब अभ्यर्थियों को प्रोविजनल आंसर की का इंतजार है। पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) जुलाई 2026 में AIBE 21 की उत्तर कुंजी जारी कर सकती है। आंसर की आधिकारिक वेबसाइट पर PDF फॉर्मेट में उपलब्ध होगी, जहां उम्मीदवार अपने प्रश्नों के उत्तरों का मिलान कर सकेंगे और संभावित स्कोर का अनुमान लगा पाएंगे।
प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज कराने का भी अवसर दिया जाएगा। यदि किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर अभ्यर्थी असहमत हैं, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन माध्यम से ऑब्जेक्शन सबमिट कर सकेंगे। इसके बाद विशेषज्ञों की समिति सभी आपत्तियों की समीक्षा करेगी और अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी। इसी फाइनल आंसर की के आधार पर AIBE 21 का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
ऐसे डाउनलोड करें AIBE 21 Answer Key
AIBE 21 की उत्तर कुंजी डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाना होगा। होमपेज पर उपलब्ध “AIBE XXI Provisional Answer Key” लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद PDF फाइल स्क्रीन पर खुल जाएगी, जिसे डाउनलोड करके अपने प्रश्न पत्र सेट (A, B, C या D) के अनुसार उत्तरों का मिलान किया जा सकता है।
पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?
बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को परीक्षा में सफल होने के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आंसर की, आपत्ति प्रक्रिया और रिजल्ट से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।
जोजिला टनल का असली हीरो, यूसुफ रहीमाबादी की कहानी : 11500 फुट ऊपर -30 डिग्री में 2077 दिन लड़कर चीरा हिमालय का सीना
Zojila Tunnel Breakthrough: कश्मीर और लद्दाख को 365 दिन जोड़ने वाली जोजिला टनल का ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू हो गया है. 11500 फुट की ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की पहली टू-लेन सुरंग है. अब 3 घंटे का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा. इसे बनाने में ईरानी इंजीनियर यूसुफ रहीमाबादी समेत 1200 जांबाजों ने माइनस 30 डिग्री में 2077 दिनों तक काम किया. यह सुरंग सेना के लिए भी एक सुरक्षित बंकर बनेगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
News18





















