कंगना की लगातार पिछली 5 फिल्में फ्लॉप:'भारत भाग्य विधाता' का रिलीज के दिन 3 फिल्मों से क्लैश; क्या बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी?
एक्ट्रेस कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। हालांकि, इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा। एक तरफ कंगना की पिछली कई फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुई हैं, वहीं, जिस दिन यानी 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' रिलीज होगी, उसी दिन 3 अन्य बॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी।, जिससे बॉक्स ऑफिस पर क्लैश की स्थिति बन रही है। कंगना की पिछली कई फिल्में फ्लॉप रहीं कंगना की पिछली पांच फिल्मों का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर खराब रहा है। पिछली फिल्म 'इमरजेंसी' (2025) में कंगना ने इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई और खुद डायरेक्शन भी किया। लगभग 60 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने भारत में करीब 23.81 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। इससे पहले रिलीज हुई फिल्म 'तेजस' (2023) का बजट लगभग 70 करोड़ रुपए था। फिल्म ने मात्र 8.05 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। वह तमिल फिल्म 'चंद्रमुखी 2' में नजर आई थीं। 65 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 54:10 करोड़ रुपए कमाए और फ्लॉप रही। वहीं, 'धाकड़' (2022) में कंगना एक्शन हीरोइन बनीं। 85 करोड़ रुपए के बजट वाली यह फिल्म सिर्फ 4.01 करोड़ रुपए कमा सकी थी और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। 'थलाइवी' (2021) तमिल-हिंदी बाइलिंगुअल बायोपिक थी, जिसमें कंगना ने जे. जयललिता का रोल किया। 100 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने करीब 8.50 करोड़ रुपए की कमाई की और फ्लॉप रही। रिलीज के दिन तीन फिल्मों से क्लैश फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को रिलीज हो रही है। जून 2026 में कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं। 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' के साथ इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' और विक्रम भट्ट की 'हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट' भी रिलीज हो रही हैं। इसके अलावा जून के बाकी दिनों में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की 'कॉकटेल 2' (19 जून) तथा अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' (26 जून) जैसी बड़ी फिल्में भी रिलीज होने वाली हैं। इसके अलावा 4 जून को रिलीज हुई 'पेड्डी' और 5 जून को रिलीज हुई 'है जवानी है तो इश्क होना है' भी बॉक्स ऑफिस पर चल रही हैं। 'भारत भाग्य विधाता' की बात करें तो यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। PEN स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म में कंगना नर्स की भूमिका में हैं। फिल्म में कंगना के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं।
वॉलमार्ट का दांव- छोटे-बड़े हर ऑपरेशन में एआई तैनात:20 लाख कर्मचारियों वाला वॉलमार्ट एआई से रिटेल और शॉपिंग का तरीका बदल रहा
ग्लोबल रिटेल चेन वॉलमार्ट की सालाना मीटिंग में यह साफ हो गया है कि कंपनी बिजनेस की रफ्तार बढ़ाने के लिए एआई को सबसे बड़ा हथियार बना रही है। दुनियाभर में फैले हजारों स्टोर्स, करोड़ों साप्ताहिक ग्राहक और 20 लाख से अधिक कर्मचारियों वाली यह कंपनी अब स्टोर के अंदर ऑर्डर पिकिंग से लेकर डिलीवरी टाइमिंग और कस्टमर फीडबैक समझने तक हर छोटे-बड़े ऑपरेशन में एआई की मदद ले रही है। वॉलमार्ट के सीईओ जॉन फर्नर ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य एआई सीखने और इसकी क्षमता को सबके लिए सुलभ बनाना है। एआई के दाम बड़े नेटवर्क के बावजूद वॉलमार्ट और बड़ा होना चाहता है, ये 6 बड़ी रणनीति... हर कर्मचारी तक एआई टूल पहुंचाएगी फर्नर का जोर है कि कंपनी का हर कर्मचारी एआई टूल्स सीखे और आगे बढ़े। मीटिंग में सबसे ज्यादा चर्चा ‘कोड पपी’ टूल की रही, जिसे वॉलमार्ट ग्लोबल टेक के ही इंजीनियरों ने विकसित किया है। यह एक ऐसा ‘वाइब-कोडिंग टूल’ है जो सभी कर्मचारियों को अपने स्तर पर तकनीकी समाधान खोजने में मदद करता है। आइडिया ग्लोबल स्केल पर फैलें वॉलमार्ट की कोशिश है कि नए आइडियाज सीधे फ्रंटलाइन कर्मचारियों से निकलें और ग्लोबल एंटरप्राइज में लागू किया जाए। फर्नर ने कहा, ‘आइडिया कहां से आया, यह मायने नहीं रखता। चाहे वह बेंगलुरु हो या ग्रेटर टोरंटो हो। जहां सबसे अच्छा आइडिया होगा, हम उसे अपनाएंगे और स्केल करेंगे।’ ओपनएआई के साथ क्रेडेंशियलिंग प्रोग्राम वॉलमार्ट ने ओपनएआई संग क्रेडेंशियलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया, जो हर कर्मचारी के लिए है। उद्देश्य कर्मचारी एआई से समस्याओं को हल कर सकें। कंपनी के एक लॉजिस्टिक्स मैनेजर ने ऐसा एआई एजेंट बनाया, जो रूट ऑप्टिमाइजेशन में मदद करता है। खाली ट्रकों की आवाजाही कम हुई है और ड्राइवरों का समय बच रहा है। कोड पपी: छोटी चीजों पर बड़ा दांव कोड पपी एक खास एआई एजेंट है जो कंपनी के भीतर काम को आसान और तेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और इसे पूरे संगठन के साथ साझा किया गया है ताकि ग्राउंड लेवल पर भी लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। सीटीओ सुरेश कुमार के मुताबिक यह ऐसा टूल है, जो असोसिएट्स को इंजीनियर में बदलता है। एआई तय कर रहा है ‘सैंडविच की टाइमिंग’ वॉलमार्ट के ऑर्डर पिकर्स एआई-जनरेटेड रूट के हिसाब से स्टोर से पिक करते थे, पर अब एआई यह भी तय करता है कि किस वक्त में सबवे वर्कर्स को ऑर्डर तैयार करने का निर्देश दिया जाए। डिजिटल फुलफिलमेंट के हेड ग्रेग कैथी के अनुसार, यह टाइमिंग इसलिए सेट की है ताकि ग्राहक को हमेशा फ्रेश व गर्म सैंडविच मिले। कस्टमर इनसाइट: भाव समझेगा AI मॉडल वॉलमार्ट पारंपरिक 5-स्टार रेटिंग सर्वे के बजाय अब कंपनी मल्टीमोडल एआई एनालिसिस का उपयोग कर रही है। 1.5 लाख सदस्यों वाले कम्युनिटी ग्रुप की बातचीत और वीडियो क्लिप्स का विश्लेषण किया जाता है। इससे न केवल यह पता चलता है कि ग्राहक क्या कह रहे हैं, बल्कि उनके भाव को भी समझा जा सकता है।
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