MY हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर बच्चे को घसीटने का मामला, 2 कर्मचारियों पर गिरी गाज, BVG कंपनी पर 1 लाख का जुर्माना
इंदौर के MY हॉस्पिटल में सामने आए एक संवेदनशील मामले ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे को उसके माता-पिता द्वारा स्ट्रेचर पर अस्पताल परिसर से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तक ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मामले की जांच कराई गई, जिसमें कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेल्प डेस्क इंचार्ज और सिक्योरिटी ऑफिसर की सेवाएं समाप्त कर दीं। इसके अलावा अस्पताल की व्यवस्थाएं संभालने वाली BVG कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं तीन नर्सों, एक डॉक्टर और एक वार्ड बॉय की एक दिन की सैलरी काटने का फैसला लिया गया है। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है।
कैसे सामने आई बड़ी चूक?
मामला उस समय चर्चा में आया जब न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे एक बच्चे को MY हॉस्पिटल से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भेजा गया। आरोप है कि मरीज की स्थिति को देखते हुए संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर को खुद उसकी जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बजाय बच्चे को दूसरे अस्पताल रेफर करने का निर्देश दे दिया गया।
भीषण गर्मी में बच्चे के माता-पिता को उसे स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाना पड़ा। इस दौरान किसी समुचित परिवहन व्यवस्था या अस्पताल सहायता की व्यवस्था नहीं की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई।
सरकारी अस्पतालों में मरीज सुविधा और जवाबदेही पर फिर उठे सवाल
यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी बहस छेड़ती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल परिसर के भीतर सुरक्षित और त्वरित ट्रांसफर सिस्टम होना बेहद जरूरी है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों के मामले में ऐसी व्यवस्थाएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
जांच के बाद MY हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट अशोक यादव और विभागाध्यक्ष (HOD) परेश सिसोदिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी सरकारी अस्पतालों को मरीजों की आवाजाही, रेफरल प्रक्रिया और आपातकालीन सहायता सेवाओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे। हालांकि यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि अस्पतालों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली भी उतनी ही जरूरी है।
'मैं टीवी पर बंधना नहीं चाहता', धुरंधर के जमील जमाली ने 'तारक मेहता' में काम करने को लेकर कही ये बात
Rakesh Bedi on Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: रणवीर सिंह की धुरंधर (Dhurandhar) में जमील जमाली का रोल प्ले करने वाले राकेश बेदी इन दिनों सुर्खियों में हैं. एक्टर को फिल्म में काफी पसंद किया गया था. राकेश बेदी ने अपने करियर में कई शोज और फिल्मों में काम किया है, जिनमें से एक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' भी है. शो में वो तारक मेहता के बॉस बाबूराल को रोल करते हैं. अब हाल ही में उन्होंने टीवी में काम करने को लेकर बात की है.
असित मोदी को लेकर क्या बोले राकेश बेदी?
हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में राकेश बेदी ने टीवी में काम करने और कॉन्ट्रैक्ट में बंधे रहने को लेकर बात की. उन्होंने कहा- 'जब भी असित को मेरी जरूरत होती है, मैं उनसे अपने रोल के बारे में कभी सवाल नहीं करता क्योंकि मुझे पता है कि वो मुझे एक अच्छा किरदार देंगे और मेरे लिए अच्छे सीन लिखेंगे.' उन्होंने आगे कहा- 'हमारी दोस्ती की बात करें तो हम सभी इसलिए जुड़े हुए हैं क्योंकि असित ने इस शो को बनाया और हमने इसे एक टीम के रूप में मिलकर आगे बढ़ाया. असित और मैंने तारक मेहता से पहले हम सब एक हैं में साथ काम किया था.'
तारक मेहता की फीस को लेकर की बात
राकेश बेदी ने आगे कहा- 'मैं उनसे पैसों के बारे में भी कभी नहीं पूछता, वो सब कुछ खुद ही संभाल लेते हैं. भले ही मुझे बाजार के हिसाब से कमाई न हो ), मुझे कोई शिकायत नहीं है. मैं थिएटर भी करता हूं और वहां से अच्छी कमाई करता हूं, इसलिए मैं समझता हूं कि इसकी भी सीमाएं हैं और शो में हर किसी का ध्यान रखना पड़ता है. यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है क्योंकि हर एपिसोड में 20-25 लोग एक साथ काम करते हैं.'
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टीवी पर बंधना नहीं चाहते राकेश बेदी
अपनी बातचीत में राकेश बेदी ने ये भी बताया कि वो टीवी पर बंधकर नहीं रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा- 'यही मेरी सोच रही है, मैं अपने काम के वैल्यू के मुताबिक काम करता हूं. जब मैं तारक मेहता में काम करता हूं, तो मैं अपनी उपलब्धता के अनुसार काम करता हूं, अगर मेरे पास डेट्स होंगी तो मैं करूंगा. लेकिन मैं टेलीविजन के नियमित वेतनमान में फंसना नहीं चाहता. अगर मैं अपनी डेट्स किसी टीवी शो को दे दूं, तो मैं कुछ और नहीं कर पाऊंगा.'
राकेश बेदी का वर्कफ्रंट
राकेश बेदी (Rakesh Bedi) ने अपने शानदार 50 साल के करियर में फिल्मों, टीवी सीरियल्स और थियेटर में काम किया है और वो आज भी एक्टिव है. उन्होंने हाल ही में 'धुरंधर' फिल्म में जमील जमाली के रोल से काफी लोकप्रियता हासिल की. धुरंधर के बाद उन्हें हाल ही में हे जवानी तो इश्क होना है में देखा गया था. वहीं, अब एक्टर जल्द ही वेब सीरीज राख में नजर आने वाले हैं. कुछ समय पहले ही इसका टीजर जारी किया गया था. ये सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी.
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