555 दिन के FD पर मिलेगा 7.40% रिटर्न, इस प्राइवेट बैंक ने बदली ब्याज दरें, 8 जून से नए रेट लागू
आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने जून में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन इसके बावजूद कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में संशोधन कर दिया है। इस सूची में प्राइवेट सेक्टर का कर्नाटक बैंक भी शामिल है। नई दरें 8 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 40 आधार अंक अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है। हालांकि यह सुविधा एक साल से अधिक के टेन्योर पर मिल रही है।
बदलाव के बाद बैंक 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को न्यूनतम 3.50% से लेकर 7% ब्याज दे रहा है। भारतीय वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 3.75% से लेकर 7.40% है। सभी बैंक विभिन्न वित्तीय कारणों को देखते हुए एफडी के ब्याज दरों में बदलाव करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।
इतने दिन के एफडी पर मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न
बैंक सबसे ज्यादा रिटर्न बैंक 555 दिन के स्पेशल टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। पहले बैंक इस टेन्योर पर 6.75% ब्याज ऑफर करता था। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.15% था। लेकिन अब दरों में वृद्धि की गई है।
एक साल से लेकर 554 दिन के मैच्योरिटी स्लैब पर 6.50% रिटर्न मिल रहा है। 60 साल या इससे अधिक आयुवर्ग के लिए 7% ब्याज मिल रहा है। 556 दिन से लेकर 2 साल तक के एफडी पर 6.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। एक साल से अधिक और 5 साल तक के सभी टेन्योर पर 6% से अधिक ब्याज मिल रहा है।
यहाँ जानें टेन्योर वाइज एफडी की ब्याज दरें
- 7 दिन से 45 दिन- 3.50%
- 46 दिन के 90 दिन- 4%
- 91 दिन से लेकर 179 दिन- 4.75%
- 180 दिन से लेकर 1 साल से कम- 5.75%
- 1 साल से लेकर 554 दिन- 6.50%
- 555 दिन- 7%
- 556 दिन से लेकर 2 साल तक- 6.40%
- 2 साल से अधिक और 3 साल तक- 6.15%
- 3 साल से अधिक और 5 साल तक- 6.15%
- 5 साल से अधिक और 10 साल तक- 5.50%
- वरिष्ठ नागरिक- 0.40% अतिरिक्त ब्याज
“अब मात्र एक कमरे तक ही सिमट कर रह गई..” INDIA गठबंधन की बैठक पर भाजपा का तंज, विपक्षी एकता पर उठाए सवाल
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आज संपन्न हुई है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी एकता और उनके राजनीतिक इरादों पर तीखा प्रहार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी दलों के इस समूह को निशाने पर लिया है।
पात्रा ने इंडिया गठबंधन को ऐसे राजनीतिक दलों का समूह बताया है, जिन्हें देश की जनता चुनावों में लगातार नकार रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन दलों की जमीनी पकड़ अब कमजोर पड़ चुकी है और वे जनमानस से दूर होते जा रहे हैं। प्रवक्ता पात्रा ने इंडिया गठबंधन की बैठकों के स्वरूप में आए बदलाव पर भी तंज कसा है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब इस गठबंधन की बैठकें बड़े-बड़े स्टेडियमों में आयोजित की जाती थीं और नेता बड़े प्रदर्शनों के साथ हाथ पकड़कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते थे। हालांकि, वर्तमान में हालात ऐसे हो गए हैं कि ये बैठकें अब मात्र एक कमरे तक ही सिमट कर रह गई हैं, जो उनकी घटती प्रासंगिकता का संकेत है।
संबित पात्रा ने विपक्षी एकता पर उठाए सवाल
संबित पात्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन में शामिल दल न केवल विभिन्न राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, बल्कि उनके बीच कोई वैचारिक एकरूपता भी दिखाई नहीं देती है। उनके अनुसार, यह गठबंधन केवल अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की एक बेताब कोशिश करता दिखाई देता है, जिसमें कोई ठोस वैचारिक आधार नहीं है। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी दलों को पहले अपने घर संभालने की नसीहत दी। उन्होंने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी प्रकार, राजस्थान में कांग्रेस भी अंदरूनी चुनौतियों और गुटबाजी से लगातार जूझ रही है। पात्रा ने कहा कि इन विपक्षी दलों को पहले अपने-अपने घरों की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए, उसके बाद ही राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता की बात करनी चाहिए, क्योंकि उनकी आंतरिक कमजोरियां स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही हैं।
खरगे के SIR और वोट चोरी के सवालों पर भाजपा का पलटवार
इंडिया गठबंधन की बैठक के उपरांत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा एसआईआर (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर उठाए गए सवालों पर भी भाजपा ने पलटवार किया है। संबित पात्रा ने खरगे के इस रुख को ‘दोहरी राजनीति’ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि जिन राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगी दल सत्ता में हैं, वहां इस चुनाव प्रक्रिया पर कोई प्रश्न नहीं उठाया जाता है। यह दर्शाता है कि विपक्ष अपने राजनीतिक लाभ के अनुसार मुद्दों को उठाता है। प्रवक्ता ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्षी दलों के रवैये की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने एसआईआर मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग की है, लेकिन जब महिला आरक्षण जैसे राष्ट्रव्यापी महत्व के विषय पर सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, तब विपक्षी दलों ने उसमें गंभीरता का प्रदर्शन नहीं किया था। पात्रा ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कुछ नेता तो मोबाइल फोन के माध्यम से ही उस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे, जो उनकी उदासीनता को दर्शाता है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपने कटाक्ष को जारी रखते हुए कहा कि देश की जनता ने इन विपक्षी दलों को राजनीतिक रूप से पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने इन्हें पूरी तरह से नकार दिया है और अब ये दल केवल खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय दिखने की कोशिश कर रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है, क्योंकि वे जनता का विश्वास खो चुके हैं।
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