एयर इंडिया की सैन फ्रांसिस्को जा रही उड़ान तकनीकी खराबी के बाद दिल्ली लौटी
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। एयर इंडिया की सैन फ्रांसिस्को जा रही उड़ान तकनीकी खराबी के बाद बुधवार सुबह दिल्ली लौट आई है। इस दौरान विमान करीब आठ घंटे से अधिक समय तक हवा में था। यह जानकारी एयरलाइन ने दी।
एयरलाइन ने बताया कि दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही फ्लाइट एआई173, जिसमें लगभग 230 यात्री सवार थे, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार दिल्ली लौट आई। इस उड़ान में बोइंग 777-300 ईआर शामिल था।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, विमान सुरक्षित रूप से उतर गया है और एयर इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुरूप तकनीकी निरीक्षण से गुजरेगा।
विमान ट्रेक करने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24डॉटकॉम के अनुसार, एयर इंडिया की यह उड़ान करीब आठ घंटे से अधिक समय तक हवा में रही।
इस दौरान विमान तीन घंटे से अधिक समय तक चीनी हवाई क्षेत्र में रहने के बाद दिल्ली की ओर वापस मुड़ा।
एयर इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
एयर इंडिया ने कहा, हम यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं और उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।
एयरलाइन ने आगे कहा,“हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को जलपान, होटल में ठहरने की व्यवस्था या उनकी इच्छानुसार यात्रा का समय बदलने जैसी सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही हैं।”
एयरलाइन ने तकनीकी समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, और अब विमान तकनीकी जांच प्रक्रिया से गुजरेगा।
पिछले सप्ताह, 21 मई को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान में इंजन में आग लग गई थी।
एयर इंडिया ने 21 मई को एक्स पर बताया, “दिल्ली में विमान के अंतिम अप्रोच के दौरान, कॉकपिट क्रू को एक इंजन से आग लगने का संकेत मिला। बाद में संकेत की पुष्टि सही पाई गई। क्रू ने सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया और विमान को दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतारा। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से विमान से उतर गए हैं।”
--आईएएनएस
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‘मेरे पूर्वज हिंदू थे’, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले- हमारे देश के बच्चों को गलत इतिहात पढ़ाया जा रहा है
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बड़ा बयान दे दिया है. उनके बयान ने पाकिस्तान में पहचान और इतिहास को लेकर नई बहस शुरू कर दी है. आसिफ ने साफ कहा कि पाकिस्तानी बच्चों को गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है. देश के लोग अपनी असल जड़ों से दूर होते जा रहे हैं.
दरअसल, ख्वाजा आसिफ एक इंटरव्यू दे रहे थे, इस दौरान, उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी मुसलमान अपने हिंदू पूर्वजों से नफरत करते हैं. पाकिस्तान के आधे लोग झूठे दावे करते हैं कि उनके पूर्वज सऊदी या फिर ईरान से आए थे. ये सोच जानबूझकर तैयार की गई है, जिससे पाकिस्तान की नई पीढ़ी अपनी सभ्यता से कट जाए. उन्होंने इतिहास की किताबों पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू शासकों को इतिहास से लगभग मिटा ही दिया गया है. हमने चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक को अपनी किताबों से हटा दिया वह भी सिर्फ इसलिए कि वे हिंदू थे.
आसिफ ने सवाल कहा कि अगर मैं बोलूं कि मेरे पूर्वज हिंदू थे तो क्या मैं इससे कम पाकिस्तानी हो जाऊंगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पढ़ाई जाने वाली किताबों को ऐसे लोगों ने लिखा है, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों को एक खास मानसिकता में ढालने की कोशिश की है.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका की लड़ाइयों में पाकिस्तान का इस्तेमाल करने के लिए समाज की सोच को बदल दिया गया. उसी हिसाब से इतिहास को पेश किया गया. हमारे बच्चे तथ्यात्मक इतिहास पढ़ ही नहीं रहे हैं. पाकिस्तान में आज अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्हें ये नहीं पता कि सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य कौन थे.
बता दें, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का ये बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब पाकिस्तान पहले से अमेरिका और इस्राइल के मुद्दे को लेकर घिरा हुआ है. दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों से कहा है कि वह अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हों और इस्राइल को मान्यता देने की अपील की है.
पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देगा- आसिफ
अब्राहम अकॉर्ड्स वाले मुद्दे पर आसिफ ने कहा कि निजी तौर पर मुझे नहीं लगता कि हमें ऐसे किसी भी समझौते में शामिल होना चाहिए, जो हमारी बुनियादी सोच से टकराता हो. पाकिस्तान आज भी अपने पुराने रुख पर कायम है. इस्लामाबाद इस्राइल को देश के रूप में तब तक मान्यता नहीं देगा, जब तक 1967
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