IPL में हमेशा से चीयरलीडर्स का अहम रोल रहा है. चीयरलीडर्स रोमांच का तड़का लगाती हैं. मैच में नए रंग भरती हैं. फैंस को अपने डांस मूव्स से इंटरटेन करती हैं, लेकिन कुछ दर्शक इन चीयरलीडर्स के थ बदतमीजी भी करते हैं, ऐसा ही कुछ 23 मई की रात लखनऊ में देखने को मिला.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के दौरान खिलाड़ियों के आपस में भिड़ने को सामान्य बात बताई. उन्होंने कहा मैच के दौरान ऐसा होना बहुत साधारण बात है. इसके होने के पीछे की वजह क्या है इसको सिर्फ वही जानता है जो मैदान पर हो.
रांची में आयोजित फेडरेशन कप में पंजाब के धावक गुरिंदरवीर सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे अब भारत के सबसे तेज धावक बन गए हैं। विश्व के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड 9.58 सेकंड का है। उसैन बोल्ट गुरिंदरवीर सिंह की प्रेरणा हैं।
शानदार प्रदर्शन के बाद गुरिंदरवीर सिंह ने कहा, "लोग पहले सोचते थे कि भारतीयों के जीन्स कमजोर होते हैं, कि भारतीय 100 मीटर की दौड़ नहीं लगा सकते और स्प्रिंटिंग में कोई भविष्य नहीं है। मैं बस सबको गलत साबित करना चाहता हूं। भारतीयों के जीन्स बहुत मजबूत हैं और यह तो बस शुरुआत है।"
बीमारी के कारण खराब हुआ था प्रदर्शन कभी पेट की गंभीर बीमारी और लगातार गिरते प्रदर्शन से जूझ रहे गुरिंदरवीर ने संघर्ष, मेहनत और वापसी की ऐसी कहानी लिखी, जिसने पूरे देश को प्रेरित कर दिया। उसैन बोल्ट से प्रेरित होकर ट्रैक पर उतरने वाले इस एथलीट ने अब भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय जोड़ दिया है।
कॉमनवेल्थ गेम में जगह पक्की जानकारी के अनुसार, 29 वें नेशनल सीनियर फेडरेशन कप में धावक गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी की। उन्हें स्वर्ण पदक मिला। राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में अपनी जगह भी पक्की कर ली है। खेल विशेषज्ञों के मुताबिक यह प्रदर्शन भारत की स्प्रिंटिंग क्षमता में बड़े बदलाव का संकेत है, जो आने वाले एशियन, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक स्तर पर मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।
आसान नहीं थी राह गुरिंदरवीर सिंह का सफर चुनौतियों से भरा रहा है। कुछ समय पहले उन्हें पेट में अल्सर की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा था। इस समस्या के कारण वह कुछ भी खा-पी नहीं पा रहे थे और उनका वजन काफी कम हो गया था। इसके चलते उनके दौड़ने के समय (टाइमिंग) में भी काफी गिरावट आ गई थी।
साल 2022 में गुरिंदरवीर के का सबसे अच्छा रिकॉर्ड गिरकर 10.93s पर आ गया था। 2023 में वापसी के बाद, उन्होंने साल का अपना सबसे तेज समय 10.50s निकाला। लेकिन बीते साल ही उन्होंने 10.33s के समय के साथ फेडरेशन कप में गोल्ड मेडल जीता।
हालांकि, दौड़ के दौरान +2.5 m/s की तेज हवा के कारण उस प्रदर्शन को नियमों के अनुसार अमान्य घोषित कर दिया गया था। जून 2024 में नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने 10.32s का समय निकालकर अमलान और अनिमेष कुजूर को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।