Kal Ka Rashifal: 25 मई को मेष राशि से लेकर मीन का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें राशिफल
Horoscope Tomorrow 25 May 2026 Rashifal: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। जानें 25 मई 2026 के दिन किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशियों के लोग रहें सतर्क-
US-Iran Deal पर बड़ा अपडेट: दिल्ली से मार्को रुबियो का बड़ा बयान, बोले- ‘कुछ घंटों में आ सकती है अच्छी खबर’
US Secretary of State Marco Rubio in Delhi: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली में ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने कहा कि US-Iran Deal को लेकर पिछले 48 घंटों में “महत्वपूर्ण प्रगति” हुई है और संभव है कि अगले कुछ घंटों में दुनिया को “अच्छी खबर” सुनने को मिले। उन्होंने संकेत दिए कि बातचीत का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे हैं।
ईरान के परमाणु हथियार का डर होगा खत्म?
मार्को रुबियो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा भरोसा जगाया। उन्होंने किसी गुप्त समझौते का सीधा खुलासा किए बिना कूटनीतिक शब्दों में अपनी बात रखी।
मार्को रुबियो ने कहा, "इस बात की पूरी संभावना है कि अगले कुछ घंटों के भीतर दुनिया को कोई बहुत अच्छी खबर सुनने को मिले। फिलहाल जो प्रयास चल रहे हैं, वे हमें एक ऐसी स्थिति की तरफ ले जा सकते हैं जहाँ दुनिया के देशों को अब ईरान के परमाणु हथियार से डरने की जरूरत नहीं होगी।"
भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिकता नहीं
ईरान संकट के इतर, मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच के रणनीतिक रिश्तों की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को अमेरिका के 'सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों' में से एक बताया।
उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के रिश्ते महज नियमित राजनयिक मेल-मिलाप तक सीमित नहीं हैं। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते दोनों देशों के रणनीतिक हित और लोकतांत्रिक मूल्य एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खाते हैं। रणनीतिक साझेदारी का असली मतलब यही है कि जब दोनों देशों के हित एक हों, तो वे मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं।
लोकतांत्रिक सरकारों पर होता है जनता और मीडिया का दबाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने लोकतांत्रिक देशों में फैसले लेने की प्रक्रिया और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने भारत और अमेरिका दोनों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहाँ सरकारों को अपने हर कदम का हिसाब देना पड़ता है।
रुबियो ने कहा, "लोकतांत्रिक देशों में हमारे पास मजबूत विपक्षी दल, स्वतंत्र मीडिया और हर फैसले की बारीकी से जांच करने वाली जनता होती है। हम जो भी बड़ा फैसला लेते हैं, अंततः हमें उन लोगों को उसका जवाब देना होता है जिन्होंने हमें चुनकर भेजा है।"
उन्होंने आगे कहा कि यही साझा लोकतांत्रिक ढांचा और सोचने का तरीका स्वाभाविक रूप से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका को कई वैश्विक मुद्दों पर एक-दूसरे के बेहद करीब लाता है। भले ही उन्होंने ईरान को लेकर होने वाले समझौते की सटीक जानकारी अभी नहीं दी है, लेकिन दिल्ली से दिए गए उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है।
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