सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल
कल 25 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-अमेरिका जंग रोकने के लिए शांति समझौता यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता 'लगभग फाइनल' हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है और बाजार में तेजी आ सकती है। 2. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। साल 2026 में FIIs अब तक कुल ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। वे लगातार तीसरे महीने नेट सेलर्स रहे। चालू महीने में ही उन्होंने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेचे हैं। 3. ग्लोबल मार्केट की चाल शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के मुख्य सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से टेक और चिप कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला। डाऊ जोन्स इंडेक्स 294 अंक (0.58%) बढ़कर 50,580 पर बंद हुआ। SP 500 भी 0.37% की बढ़त के साथ 7,473.47 पर रहा। हालांकि, टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 50.87 अंक (0.19%) की गिरावट दर्ज की गई। 4. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स सेंसेक्स के आउटलुक पर इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने कहा कि इंडेक्स 75,400–75,600 के दायरे के आसपास घूम रहा है। ऊपर की तरफ 75,800–76,000 के जोन के पास रेजिस्टेंस है। वहीं नीचे की तरफ 74,600–74,400 के पास सपोर्ट है। बाजार अब किस तरफ जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंडेक्स इस दायरे को तोड़कर किस तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है। निफ्टी 50 रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स में अभी भी गिरावट का रुख बना हुआ है और इसका ट्रेडिंग दायरा नीचे की तरफ खिसक रहा है। यह घरेलू और वैश्विक स्तर से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार के असमंजस को दिखाता है। मिश्रा ने कहा, नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 23,150–23,250 के जोन के आसपास दिख रहा है, इसके बाद अगला सपोर्ट 22,900 के स्तर पर है। वहीं ऊपर की तरफ, 23,800–24,000 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को पार कर ऊपर की तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है, तो बाजार में नई तेजी आ सकती है जो इसे 24,500–24,650 के स्तर तक ले जा सकती है। 5. ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर और अमेरिकी WTI 97 डॉलर प्रति बैरल पर घरेलू बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें अहम भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.67% गिरकर 97 प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 1.63% की बढ़त देखी गई और यह 103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था 22 मई को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर पहुंच गया। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
यूरोप से चोरी हुए फोन चीन भेजे जा रहे:लंदन में आईफोन छीना, फिर चीन से मां को धमकियां भेजीं; एपल आईडी हटवाकर माने चोर
शिकागो के 37 वर्षीय एलेक्स पिकुला मई 2024 में लंदन घूमने गए थे। वेस्ट एंड में थिएटर से बाहर निकलते ही ई-बाइक सवार बदमाश ने उनके हाथ से आईफोन छीन लिया। एलेक्स को लगा, फोन गया और बात खत्म। लेकिन असली परेशानी इसके बाद शुरू हुई। कुछ दिन बाद उनकी 65 वर्षीय मां जूडी पिकुला को अजीब मैसेज आने लगे। पहले मैसेज एपल-पे जैसा दिखा। उसमें लिखा था कि फोन चीन में इस्तेमाल हो रहा है और बेटे के बैंक अकाउंट खतरे में हैं। फिर फिलीपींस के नंबर से मैसेज आया- हमारे पास आपके बेटे के ईमेल, कार्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी है। इसके बाद धमकियां तेज हो गईं। जूडी को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें एक व्यक्ति बंदूक दिखा रहा था। मैसेज में दुष्कर्म, हत्या और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी थी। गैंग की एक ही मांग थी- चोरी हुए फोन से एपल आईडी हटाओ। एलेक्स ने मां से कहा कि इसे नजरअंदाज करें, लेकिन धमकियां बढ़ती गईं। आखिरकार एलेक्स ने फोन से एपल आईडी हटा दी और डेटा मिटा दिया। इसके बाद धमकी भरे मैसेज बंद हो गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में लंदन में रिकॉर्ड 81 हजार फोन चोरी हुए। 2025 में यह संख्या घटकर करीब 71 हजार रही, लेकिन चोरी के बाद धमकियों का ट्रेंड बढ़ गया। लंदन पुलिस अब उन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर फोकस कर रही है, जो चोरी के फोन चीन भेजते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि फोन चीन के शेन्जेन शहर में दिखा। क्रिमिनोलॉजिस्ट डेविड वॉल के मुताबिक, गैंग पहले फर्जी एपल मैसेज भेजते हैं। फिर खुद को मददगार खरीदार बताते हैं। जब पीड़ित नहीं मानता, तो हिंसक धमकियां शुरू हो जाती हैं। ये मनोवैज्ञानिक हमला है विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक हमला बताते हैं, क्योंकि फोन में बैंकिंग, फोटो, ईमेल और निजी डेटा होता है। चोरी के आईफोन को नया खरीदार तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब पुरानी एपल आईडी हटे। आईडी जुड़ी रहे तो फोन रीसेट नहीं होता और उसकी रीसेल वैल्यू खत्म हो जाती है। इसलिए गैंग पीड़ितों को धमकाकर फोन को अनलिंक करवाते हैं, ताकि उसे ब्लैक मार्केट में बेचा जा सके। साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि चोरी के बाद फोन को लॉक और वाइप करें, लेकिन एपल आईडी से न हटाएं। एपल भी कहता है कि फोन को फाइंड माई लिस्ट में रहने दें, ताकि चोर उसे नए यूजर के लिए सेटअप न कर सकें।
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