‘बेवकूफ नहीं मुझे जबरदस्त तानाशाह बोलो’, जानें डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों कहा ऐसा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें मूर्ख कहलाना नहीं पसंद. वह उन्हें अपमान लगता है. जबकि जबरदस्त तानाशाह बोले जाने पर उनको कोई दिक्कत नहीं है. दरअसल, ट्रंप न्यूयॉर्क में एक रैली कोे संबोधित कर रहे थे. इस दौरान, अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए उन्होंने ये बात कही.
उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस शब्द से इतना नफरत करते हैं कि उन्होंने खुद को सही साबित करने के लिए अपने डॉक्टरों से टेस्ट कराने तक की मांग कर डाली थी. उन्होंने रैली में कहा कि वह सबसे चतुर इंसान है. क्या आप नहीं चाहते हैं कि एक समझदार व्यक्ति आपका राष्ट्रपति बने.
रैली में मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा
बता दें, न्यूयॉर्क में होने वाली ट्रंप की रैली मुख्य रूप से महंगाई और जीवन यापन से जुड़े विषयों को लेकर होनी थी लेकिन ट्रंप ने सिर्फ अपनी मानसिक फिटनेस की बातें की. उन्होंने अपने डॉक्टर के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि मैंने अपने डॉक्टर से कहा कि मुझे कोई शानदार तानाशाह बोले तो मुझे कोई भी दिक्कत नहीं है पर मैं खुद को मूर्ख नहीं कहलाना चाहता हूं. मैंने डॉक्टर से पूछा कि मैं क्या करूं. क्या ऐसा कोई टेस्ट है, जिसे में दे सकता हूं और क्लीयर हो जाए कि मैं पागल नहीं हूं.
इस पर डॉक्टर ने कहा कि जी हां सर, बिल्कुल है. इसे कॉग्निटिव टेस्ट कहते हैं. मैंने उनसे पूछा कि आखिर कितने राष्ट्रपतियों ने ये टेस्ट दिया है? डॉक्टर ने बताया कि किसी ने नहीं. अब तक किसी ने इसे नहीं लिया है. मैंने कहा कि खैर, क्या यह अच्छा है या बुरा? क्या यह मुश्किल है? ट्रंप ने बताया कि इस टेस्ट में सवालों की शुरुआत आसान से होती लेकिन अंत आते-आते सवाल काफी ज्यादा कठिन हो जाते हैं.
कॉग्निटिव टेस्ट अनिवार्य करने की मांग
बता दें, ट्रंप कई बार कॉग्निटिव टेस्ट की बात कर चुके हैं. उन्होंने पिछले महीने ही कहा था कि राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति पद के किसी भी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से पहले कॉग्नेटिव टेस्ट से गुजरना चाहिए. ऐसा करने पर हमें बराक ओबामा या फिर स्लीपी जो बाइडेन जैसे लोगों के चुने जाने पर कोई हैरानी नहीं होगी. ट्रंप ने बताया कि मैंने राष्ट्रपति के रूप में तीन बार ये परीक्षा दी है. मैंने तीनों बार इसमें टॉप किया है. ट्रंप ने कहा कि ये एक ऐसी उपलब्धि है, जो डॉक्टरों के अनुसार, एक बार की परीक्षा में भी शायद ही किसी ने हासिल की हो.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
हालांकि, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के मनोरोग विज्ञान के प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. हेनरी डेविड अब्राहम ने कहा कि इतने कम समय में तीन बार परीक्षा देना बहुत चिंताजनक है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर डॉ. जॉन गार्टनर ने बताया कि ट्रंप की मानसिक क्षमता गिर रही है और इसके बहुत सारे प्रमाण भी दिखाई देते हैं. वहीं, पेंटागन चीफ पीट हेगसेथ ने ट्रंप के स्वास्थ्य की जमकर तारीफ की जा रही है. हेगसेथ ने उन्हें देश का सबसे तेज और गहरी समझ रखने वाला कमांडर-इन-चीफ बताया.
सरकार ने सीएनजी, एलएनजी और हाइड्रोजन डिस्पेंसर के सत्यापन का दायरा बढ़ाया, नई शुल्क लागू
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और स्वच्छ ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि उसने लीगल मेट्रोलॉजी (सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र) नियम, 2013 में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य भारत के लीगल मेट्रोलॉजी इकोसिस्टम को और मजबूत करना तथा देश में वजन और माप के सत्यापन संबंधी बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है।
इस संशोधन की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें सरकारी-अनुमोदित परीक्षण केंद्रों (जीएटीसी) के दायरे का विस्तार किया गया है, ताकि अतिरिक्त ईंधन वितरण प्रणालियों के सत्यापन और पुनः सत्यापन को भी इसमें शामिल किया जा सके। उम्मीद है कि इस कदम से सत्यापन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
इन संशोधनों के तहत राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने-अपने नियमों के अनुसार जीएटीसी के माध्यम से सत्यापन के लिए वजन और माप की अतिरिक्त श्रेणियों को अधिसूचित कर सकें।
पेट्रोल और डीजल डिस्पेंसर के सत्यापन के लिए शुल्क 5 हजार रुपए प्रति नोजल निर्धारित किया गया है, जबकि सीएनजी, एलपीजी, एलएनजी और हाइड्रोजन डिस्पेंसर के लिए यह शुल्क 10 हजार रुपए प्रति नोजल तय किया गया है।
संशोधित नियमों के तहत उन उपकरणों की सूची में डिस्पेंसिंग सिस्टम की पांच श्रेणियां जोड़ी गई हैं, जिनका सत्यापन जीएटीसी द्वारा किया जा सकेगा। इनमें पेट्रोल/डीजल डिस्पेंसर, सीएनजी डिस्पेंसर, एलपीजी डिस्पेंसर, एलएनजी डिस्पेंसर और हाइड्रोजन डिस्पेंसर शामिल हैं।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एक बयान में कहा कि इन उपकरणों को शामिल किए जाने के बाद जीएटीसी अब लीगल मेट्रोलॉजी (वैधानिक माप-तौल) ढांचे के तहत वजन और माप की कुल 23 श्रेणियों का सत्यापन और पुनः सत्यापन कर सकेंगे।
जीएटीसी ऐसी अनुमोदित सुविधाएं हैं, जिनके पास लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट और उससे संबंधित नियमों के तहत निर्धारित वजन और माप के सत्यापन तथा पुनः सत्यापन का कार्य करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध है।
योग्य निजी प्रयोगशालाओं और उद्योगों को शामिल करके जीएटीसी ढांचा देश की सत्यापन क्षमता का विस्तार करने तथा सत्यापन सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद करता है।
--आईएएनएस
पीएसके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation























