चीन में बैठकर डॉक्टर ने भारत में की सफल सर्जरी, 90 मिनट में ऐसे दिया मरीज को जीवनदान
Robotic Surgery: टेक्नोलॉजी ने मेडिकल फील्ड को एक नई दिशा दी है. तकनीक के जरिए हजारों किलोमीटर दूर बैठे डॉक्टर आसानी से मरीज का इलाज कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला चीन से सामने आया है. जहां एक डॉक्टर ने भारत में मौजूद एक मरीज की सफल रोबोटिक सर्जरी की. चाइना डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने हैदराबाद में एक मरीज पर रोबोट की सहायता से मूत्राशय को फिर से जोड़ने की सर्जरी सफलतापूर्वक की. उन्होंने वुहान से दूरस्थ रूप से संचालन करते हुए यह सर्जरी की, जो भारत और चीन के बीच सीमा पार टेलीमेडिसिन और रोबोटिक स्वास्थ्य सेवा सहयोग में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है.
90 मिनट तक चली रोबोटिक सर्जरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में विकसित रोबोटिक प्रणालियों और अल्ट्रा-फास्ट 5G कनेक्टिविटी का उपयोग करके करीब 90 मिनट में सर्जरी पूरी हो गई. इस सर्जरी के बाद भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने एक्स पर एक पोस्ट किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "वुहान में तैनात भारतीय मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने चीन द्वारा विकसित रोबोटिक्स और 5G तकनीक की बदौलत भारत के हैदराबाद में 3,000 किलोमीटर दूर स्थित एक मरीज पर मात्र 90 मिनट में रोबोट की सहायता से मूत्रवाहिनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया. यह जीवन रक्षक उपचार सीमाओं से परे है."
Indian urologist Dr. Syed Mohammed Ghouse, stationed in #Wuhan ????????, successfully performed a robot-assisted ureteral reimplantation in just 90 minutes on a patient 3,000 km away in Hyderabad, India—thanks to China-developed robotics and 5G technology. ????????????????????
— Yu Jing (@ChinaSpox_India) May 23, 2026
Life-saving care,… pic.twitter.com/nwAtFX7XYH
UP में पंचायत चुनाव की तारीखें हुईं तय? इलेक्शन तक 57 हजार ग्राम पंचायतें ऐसे करेंगी काम
UP Panchayat Election: प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। समय पर पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न हो पाना इसकी एक बड़ी वजह है। इसके अलावा हाईकोर्ट में कई याचिकाएं भी लंबित हैं, जिनके कारण चुनाव प्रक्रिया अटकी हुई है।
उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव 2026 अब विधानसभा चुनाव 2027 के बाद कराए जाएंगे। 26 मई को प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके बाद पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी। इस बार सरकार ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक पद पर नियुक्त करने की मांग स्वीकार कर ली है।
कैसे चलेगी पंचायत व्यवस्था?
OBC आरक्षण के लिए आयोग गठन में देरी के कारण पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाए। इसी वजह से सरकार ने अब प्रशासकों की नियुक्ति का फैसला लिया है। ग्राम प्रधान संघ ने मांग की थी कि मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक बनाया जाए। सरकार ने यह मांग मान ली है। इससे पहले ADO पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने का नियम था।
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ओबीसी आरक्षण बना बाधा
प्रदेश में 57,694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। समय पर पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना चुनाव टलने की सबसे बड़ी वजह है। इसके अलावा मतदाता सूची का नवीनीकरण अधूरा है और हाईकोर्ट में कई याचिकाएं भी लंबित हैं। इन कारणों से चुनाव होते न देख सरकार ने अब ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति का फैसला लिया है।
प्रशासक बनेंगे प्रधान
प्रदेश सरकार के इस फैसले से ग्राम प्रधानों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अधिकारियों को प्रशासक बनाने से पंचायतों के काम प्रभावित होते थे। अब प्रधानों के प्रशासक बनने से काम सुचारू चलेगा।हालांकि सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया है, पर उसकी रिपोर्ट आने में देरी होगी। इसलिए पंचायत चुनाव अब अगले साल नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव 2027 के बाद ही कराए जाएंगे।
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