CBSE री-इवैल्युएशन आवेदन की आज लास्ट डेट:5 दिन से साइट डाउन, एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा, स्टूडेंट परेशान
सीबीएसई ने 19 मई से आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन तकनीकी खामियों से वेबसाइट पिछले 5 दिनों से लगातार क्रैश हो रही है। आज आवेदन की लास्ट डेट है, लेकिन किसी भी वक्त वेबसाइट लोड ही नहीं हो पा रही। अगर साइट खुल भी जाए, तो एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज को कम से कम 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने 3-4 दिन पहले आवेदन किया था, उन्हें न तो अभी तक कॉपी मिली है और न ही मेल या टेक्स्ट के जरिए कोई जानकारी दी गई है। सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और धुंधले पन्नों जैसी तकनीकी दिक्कतों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बोर्ड से जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। पेमेंट के बाद लौट रहे हैं पैसे कुछ छात्रों को सुबह 11:30 बजे पेमेंट सफल होने और एप्लीकेशन सबमिट होने का मैसेज मिला, शाम 6:45 बजे अचानक मैसेज आया कि उनके पैसे रिफंड कर दिए गए हैं और आवेदन सबमिट ही नहीं हुआ। स्टूडेंट इस बात से परेशान हैं कि अगर समय पर कॉपी नहीं मिली, तो वे अपनी कॉपियों के री-इवैल्युएशन के लिए समय पर आवेदन कैसे कर पाएंगे। री-इवैल्युएशन रद्द होने की अफवाह सर्वर ठप होने और छात्रों की इस परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर भी तेजी से वायरल हो रहा है। 23 मई की तारीख वाले इस सर्कुलर में दावा किया गया है कि तकनीकी दिक्कतों से 2026 की री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। इसमें यह भी अफवाह फैलाई गई है कि छात्रों द्वारा जमा फीस 15 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड कर दी जाएगी और उनके पुराने नंबर ही अंतिम (फाइनल) माने जाएंगे। सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया है कि यह सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है। कहीं 2-2 पेज गायब तो कहीं 2-2 पेज रिपीट हैं मध्य प्रदेश की एक छात्रा की बिजनेस स्टडीज की आंसर-शीट में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। कॉपी के पेज नंबर 12-13 व 20-21 स्कैन ही नहीं किए गए। ऐसे में इन पेजों पर लिखे जवाबों के अंक छात्रा को नहीं मिले। पेज संख्या पूरी दिखाने के लिए पेज 14-15 और 18-19 को दो बार स्कैन कर अपलोड कर दिया है। पीडीएफ में इन्हें ‘रिपीट आंसर’ के रूप में दिखाया गया है। कई जवाबों में सही तरीके से अंक भी नहीं दिए गए हैं। कहां से लें मदद? हेल्पलाइन भी शोपीस बनीं सीबीएसई के हेल्पलाइन नंबर भी किसी काम नहीं आ रहे हैं। छात्र जब भी इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो बस सिंगल बीप बजती रहती है और कोई फोन रिसीव नहीं करता। CBSE हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-8002, अन्य हेल्पलाइन नंबर: 011-22509256, 22509257, 22509258, 22509259, ईमेल: info@cbse.gov.in ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स, 9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। पूरी खबर पढ़ें…
हिमाचल में 7 फुट बर्फ में टूरिस्ट की मस्ती:मई में स्नोफॉल इंजॉय, 4 दिन में 25 हजार रोहतांग-बारालाचा पहुंचे, ट्रिप से पहले पढ़ें ट्रैवल-गाइड
हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रा खुलते ही बर्फ देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पिछले 4 दिन में लगभग 25 हजार टूरिस्ट रोहतांग पहुंच गए हैं। सड़क के दोनों ओर 5 से 7 फुट ऊंची बर्फ की दीवार टूरिस्ट को रोमांचित कर रही है। देश में जब भीषण गर्मी से लोग बेहाल है तो मई के आखिरी सप्ताह में भी टूरिस्ट हिमाचल में लाइव स्नोफॉल का मजा रहे हैं। रोहतांग के साथ बारालाचा और शिंकुला दर्रा में भी टूरिस्ट बर्फ इंजॉय कर रहे हैं। मगर ट्रैफिक जाम टूरिस्ट को परेशान कर रहा है। ऐसे में यदि आप भी मनाली, रोहतांग, बारालाच और शिंकुला का टूर प्लान कर रहे हैं तो ‘दैनिक भास्कर डिजिटल’ की यह रिपोर्ट पढ़कर जरूरी बातें जान लें.. रोहतांग जाने के लिए 7 जरूरी बातें.. 1. परमिट के बगैर यात्रा की अनुमति नहीं: एनजीटी के निर्देशानुसार- रोहतांग जाने के लिए परमिट अनिवार्य है। हर दिन केवल 1200 वाहनों (800 पेट्रोल और 400 डीजल ) को ही अनुमति दी जाती है। बिना परमिट वाले वाहनों को गुलाबा से वापस भेज दिया जाता है। परमिट शुल्क 550 रुपए है और इसकी ऑनलाइन बुकिंग पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर करनी होती है। 2. अपने साथ गर्म कपड़े लाना न भूले: रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रा जाने के इच्छुक टूरिस्ट गर्म कपड़े, दस्ताने और वाटरप्रूफ जूते अपने साथ रखें, क्योंकि यहां मौसम खराब होते ही तापमान जमाव बिंदू के आसपास चला जाता है और कभी भी बर्फबारी शुरू हो जाती है। 3. अचानक रोहतांग न जाए: रोहतांग घूमने वाले टूरिस्ट को पड़ाव में जाना चाहिए। देश के मैदानी राज्यों से सीधे रोहतांग पहुंचना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि अधिक ऊंचाई और स्नोफॉल के कारण यहां कई बार ऑक्सीजन कम होने से सांस लेने में दिक्कत आती है। इसलिए. एक दिन पहले मनाली पहुंचे और यहां स्टे करने के दूसरे दिन रोहतांग जाए। बुजुर्ग और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। 4. सुबह के वक्त जल्दी रोहतांग निकले: ट्रैफिक जाम से बचने को मनाली से सुबह के समय जितना जल्दी हो, निकल पड़े, ताकि समय पर रोहतांग पहुंचकर बर्फ के बीच मस्ती कर सके। ऐसा करने से पर्याप्त समय मिलेगा और बर्फ के बीच मौज मस्ती कर सकेंगे। गाड़ी में पर्याप्त फ्लूय रखे, क्योंकि लंबे ट्रैफिक जाम की वजह से ईंधन की लागत बढ़ जाती है। 5. मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन जरूरी: समुद्र तल से रोहतांग दर्रा की ऊंचाई लगभग 13 हजार 050 फीट है। यहां कभी भी स्नोफॉल शुरू हो जाता है। ऐसे में टूरिस्ट के वाहन समेत फंसने की संभावना रहता है। लिहाजा मौसम विभाग और स्थानीय पुलिस की एडवाइजरी का पालन जरूर करें। 6. फिसलन के कारण सावधानी बरतना जरूरी: बर्फ पर फिसलन ज्यादा होती है, इसलिए सेल्फी या वीडियो बनाते समय सावधानी बरतना जरूरी है। जहां बर्फ के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ है, उनके नीचे जाने से बचे। 7. अवैध पार्किंग और ओवरटेक से बचे: रोहतांग जाने वाले पर्यटक सड़क किनारे हर कहीं गाड़ी पार्क करके सेल्फी या फोटो शूट और कुछ लोग एक दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकने में लग जाते है। इसी तरह, बहुत से टूरिस्ट ट्रैफिक जाम में भी दर्जनों गाड़ियों को ओवरटेक करते हैं। इससे ट्रैफिक जाम और भी विकराल हो जाता है। ऐसे में पर्यटकों को सड़क किनारे हर कही पार्किंग से बचना होगा और ट्रैफिक जाम की सूरत में ओवरटेक से बचना होगा। ट्रैफिक जाम से बढ़ रही परेशानी देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने के बाद मनाली और रोहतांग में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। इसका सबसे बड़ा कारण टूरिस्टों की मनमानी है, क्योंकि बड़ी संख्या में टूरिस्ट व्हीकल ओवरटेक करते हैं। इससे टू-लेन सड़क पर गाड़ियों की तीन-तीन लाइन लग रही है। इसी तरह, मनाली और रोहतांग में पार्किंग नहीं से भी ट्रैफिक जाम लग रहा है। वीकेंड पर 90 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी रोहतांग दर्रा खुलने के बाद मनाली में पर्यटन सीजन रफ्तार पकड़ चुका है। वीकेंड पर होटलों में 80 से 90 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी और अन्य दिनों में 50 से 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी हो गई है। 1800 से 20 हजार रुपए तक कमरे उपलब्ध मनाली के होटलों में इन दिनों रूम 1800 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक उपलब्ध हैं। अगले एक महीने तक कमरों की बुकिंग में किसी तरह का डिस्काउंट नहीं मिलेगा। खट्टी मिट्ठी यादों के साथ लौट रहे टूरिस्ट: मुकेश मनाली के होटेलियर मुकेश ठाकुर ने बताया कि पर्यटन सीजन अच्छा है, लेकिन इस बार ट्रैफिक के कारण टूरिस्ट व लोकल लोग परेशान है। मनाली से लेकर रोहतांग तक ट्रैफिक जाम लग रहा है। इससे टूरिस्ट खट्टी-मिट्ठी यादों के साथ लौट रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और SP कुल्लू से हर सीजन की तरह अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। हिमाचल में इन दिनों पंचायत चुनाव चल रहे है। लिहाजा बड़ी संख्या में पुलिस जवान चुनाव में तैनात है। इस वजह से पर्यटन सीजन के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती नहीं जा सकी। रोहतांग खुलते ही एडवांस बुकिंग तेज हुई: गगन ट्रैवल कंपनी संचालक गगन अवस्थी ने बताया कि मनाली पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण रोहतांग दर्रा ही है। रोहतांग खुलने के महज तीन दिन के भीतर ही देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंचने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बर्फबारी और लाइव स्नोफॉल की खबरों के बाद एडवांस बुकिंग में भी तेजी आई है और आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। रोहतांग में पर्यटकों की भीड़ दिखाती PHOTOS..
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